Video: SIR प्रक्रिया को हल्के में न लें, देखें असदुद्दीन ओवैसी ने क्या कहा

Video : हैदराबाद में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पार्टी मुख्यालय में 29 मई को एक जनसभा को संबोधित किया. इसमें उन्होंने SIR प्रक्रिया पर अपनी बात रखी. वीडियो में देखें उन्होंने क्या कहा.

Video : असदुद्दीन ओवैसी ने लोगों से 25 जून से शुरू होने वाली SIR प्रक्रिया को गंभीरता से लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के तहत गणनाकर्मी और बूथ लेवल अधिकारी मतदाताओं के घर-घर जाकर फॉर्म देंगे. ओवैसी ने बताया कि चुनाव आयोग ने इसके लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं और AIMIM ने भी अपने जिम्मेदार कार्यकर्ताओं को बूथ लेवल एजेंट के तौर पर नियुक्त किया है. उन्होंने मतदाताओं से कहा कि जब तेलंगाना में 25 जून से यह प्रक्रिया शुरू हो, तो इसे हल्के में न लें. ओवैसी ने कहा कि वह लोगों को डराने या भावनाएं भड़काने के लिए ऐसा नहीं कह रहे हैं, बल्कि यह एक बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है, जो सीधे लोगों के जीवन और उनके अधिकारों से जुड़ा हुआ है. वीडियो में देखें उन्होंने क्या कहा.

सड़क पर नमाज को लेकर क्या बोले ओवैसी

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अगर सड़कों पर नमाज अदा करना नामंजूर है तो सड़कों पर हर धर्म से जुड़े आयोजनों के लिए भी यही मानदंड अपनाया जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों को हाशिये पर धकेलने और ‘दोयम दर्जे का नागरिक’ बनाने की कोशिशें की जा रही हैं. ओवैसी ने दावा किया कि अगर सड़कों पर नमाज अदा करना गलत है तो सड़कों पर हर धर्म के त्योहारों के आयोजन गलत हैं. अगर आप कहते हैं कि किसी के त्योहार पर मांस की दुकानें बंद हो जानी चाहिए तो रमजान में पूरे 30 दिन तक शराब की सभी दुकानें बंद की जानी चाहिए.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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