सिक्किम के नामची जिले में एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना के निर्माणाधीन सुरंग (टनल) में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. यह हादसा समरदुंग, झोलुंगे इलाके में हुआ.
एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडर विवेक कुमार ने बताया कि अब तक 10 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि अभी भी सुरंग के अंदर कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है, इसलिए राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है.
सुरंग में फंसे अन्य लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए कई एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं. इस अभियान में नामची जिला प्रशासन के साथ एनएचपीसी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सिक्किम पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभाग जुटे हुए हैं.सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA) भी पूरे अभियान पर लगातार नजर बनाए हुए है. प्रशासन का कहना है कि बचाव कार्य तेजी से चल रहा है और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना हमारी प्राथमिकता है.
मीथेन गैस जमा हो गई थी सुरंग के अंदर
इंडिया टुडे ने अधिकारियों के हवाले से खबर दी है. इसके मुताबिक, सुरंग के अंदर करीब 1.5 किलोमीटर की दूरी पर मीथेन गैस जमा हो गई थी. माना जा रहा है कि यह गैस जमीन के अंदर मौजूद चट्टानों या परतों से प्राकृतिक रूप से निकल रही थी. गैस को बाहर निकालने की कोशिश के दौरान धमाका हो गया, जिससे भूस्खलन हुआ और सुरंग का एक हिस्सा मलबे से बंद हो गया. हादसे के बाद कुछ मजदूर किसी तरह बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन कई मजदूर सुरंग के अंदर ही फंस गए.
जिला प्रशासन को सोमवार (20 जुलाई) दोपहर करीब 3:40 बजे इस हादसे की जानकारी मिली. सूचना मिलते ही राहत और बचाव टीमों को मौके पर भेजा गया.
