Sikkim Avalanche: नाथुला रोड पर हिमस्खलन, 7 की मौत, 20 घायल, पीएम मोदी ने हादसे पर जताया दुख

हिमस्खलन में 80 से अधिक लोग फंस गये हैं. अधिकारियों ने बताया, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा शीघ्र ही बचाव अभियान शुरू किया गया और अब तक 22 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जिनमें से छह को एक गहरी घाटी से निकाला गया.

सिक्किम के नाथुला इलाके में मंगलवार को हुए एक भीषण हिमस्खलन में 7 पर्यटकों की मौत हो गई है. जबकि 20 अन्य घायल हो गये. जबकि 50 लोगों के लापता होने की भी खबर आ रही है. हिमस्खलन मंगलवार दोपहर करीब 12 बजकर 20 मिनट पर हुआ. मरने वालों में चार पुरुष, एक महिला और एक बच्चा शामिल है.

भारतीय सेना ने राहत-बचाव कार्य का मोर्चा संभाला

भारतीय सेना के सैनिकों ने सिक्किम में माइलस्टोन 15 के पास गंगटोक-नाटू ला रोड पर एक बचाव अभियान चलाया, जहां हिमस्खलन हुआ था, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई. सात अन्य लोगों को प्राथमिक उपचार दिया गया और वे गंगटोक लौट आए. बीआरओ द्वारा सड़क को यातायात के लिए खोल दिया गया है. बाकी लोगों की तलाश और बचाव अभियान सेना, राज्य आपदा प्रबंधन टीम और पुलिस द्वारा चलाया जा रहा है.

पीएम मोदी ने सिक्किम हादसे पर जताया दुख

सिक्किम हिमस्खलन हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर दुख जताया. पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, हादसे में उन लोगों के प्रति संवेदना जिन्होंने अपनों को खोया है. मुझे उम्मीद है कि घायल जल्द ही ठीक हो जाएंगे. बचाव अभियान जारी है और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है.


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हिमस्खलन में 80 से अधिक से लोगों के फंसे होने की आशंका

बताया जा रहा है कि हिमस्खलन में 80 से अधिक लोग फंस गये हैं. अधिकारियों ने बताया, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा शीघ्र ही बचाव अभियान शुरू किया गया और अब तक 22 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जिनमें से छह को एक गहरी घाटी से निकाला गया.

घायलों का कराया जा रहा इलाज

अधिकारियों ने बताया, हिमस्खलन में घायलों को राज्य की राजधानी गंगटोक स्थित अस्पताल लाया गया है. जहां उनकी इलाज की जा रही है. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, बचाव अभियान जारी है.

हिमस्खलन में फंस गये थे 350 लोग

हिमस्खलन जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर दूरी की जानकारी देने वाले 14वें शिला स्तंभ के समीप आज तड़के हुआ. उन्होंने बताया कि करीब 350 लोग और 80 वाहन मार्ग पर फंसे गये थे क्योंकि नाथुला से आने वाले मार्ग को बर्फ ने अवरूद्ध कर दिया था. इन लोगों और वाहनों को भी वापस ले आया गया है. नाथुला दर्रा चीन से लगी सीमा पर स्थित है और यह अपनी मनोरम सुंदरता के कारण पर्यटकों का एक प्रमुख आकर्षण केंद्र है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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