1984 के सिख विरोधी दंगों से प्रभावित परिवारों और सिख नेताओं ने शनिवार को कांग्रेस नेताओं के कथित तौर पर पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को ‘नायक’ और ‘रोल मॉडल’ बताए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी कांग्रेस से इन बयानों के लिए माफी की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शन का नेतृत्व DSGMC अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलोन ने किया.
क्यों हो रहा है विरोध?
सज्जन कुमार का नाम 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में सामने आया था. दिल्ली कैंट के राज नगर इलाके में पांच लोगों की हत्या के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने 2018 में उन्हें दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में भी मामला चला.
1984 की हिंसा में हजारों परिवार हुए थे प्रभावित
1984 की हिंसा में दिल्ली समेत कई जगहों पर सिख समुदाय को निशाना बनाया गया था. बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई और हजारों परिवार प्रभावित हुए. दंगा पीड़ित परिवार लंबे समय से दोषियों को सजा दिलाने और न्याय की मांग करते रहे हैं.
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दीपेंद्र सिंह हुड्डा के एक बयान से शुरू हुआ विवाद
इसके बाद 21 अगस्त को कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के सज्जन कुमार को ‘रोल मॉडल’ बताने वाले बयान के बाद विवाद शुरू हुआ. सिख संगठनों ने इस पर नाराजगी जताई. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ऐसे बयान 1984 के पीड़ित परिवारों के जख्मों को फिर से ताजा करते हैं.
प्रदशनकारियों ने माफी की मांग की
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी के आवास के बाहर भारी पुलिस बैरिकेडिंग की गई थी. सिख नेताओं ने कांग्रेस से संबंधित बयानों पर जवाबदेही और माफी की मांग की.
