Shraddha Murder Case: आरोपी आफताब के खिलाफ कोर्ट आज सुनाएगा फैसला

श्रद्धा वालकर के पिता के आवेदन पर दिल्ली पुलिस को भी कल तक अदालत में अपना जवाब दाखिल करना है. वालकर के पिता ने अपनी अर्जी में अनुरोध किया है कि श्रद्धा के शव के अवशेष परिवार को सौंपे जाएं ताकि संस्कृति और परंपरा के अनुरूप उसका अंतिम संस्कार किया जा सके.

दिल्ली की एक अदालत ‘लिव-इन पार्टनर’ श्रद्धा वालकर की हत्या के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ फैसला सुना सकती है. पूनावाला पर अपनी ‘लिव-इन पार्टनर’ श्रद्धा वालकर की गला घोंटकर हत्या करने के बाद उसके शव के टुकड़े-टुकड़े करने का आरोप है.

श्रद्धा के पिता ने आवेदन पर दिल्ली पुलिस को कोर्ट में देना है जवाब

श्रद्धा वालकर के पिता के आवेदन पर दिल्ली पुलिस को भी कल तक अदालत में अपना जवाब दाखिल करना है. वालकर के पिता ने अपनी अर्जी में अनुरोध किया है कि श्रद्धा के शव के अवशेष परिवार को सौंपे जाएं ताकि संस्कृति और परंपरा के अनुरूप उसका अंतिम संस्कार किया जा सके.

15 अप्रैल को कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला रख लिया था सुरक्षित

अतरिक्त सत्र न्यायाधीश मनीषा खुराना कक्कड़ ने 15 अप्रैल को दलीलों को सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था. इधर श्रद्धा वालकर के पिता के आवेदन पर जवाब देने के लिए जांच एजेंसी ने 15 अप्रैल को समय मांगा था.

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24 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने 6,629 पृष्ठों का दायर किया था आरोपपत्र

दिल्ली पुलिस ने 24 जनवरी को इस मामले में 6,629 पृष्ठों का आरोपपत्र दायर किया था. श्रद्धा की कथित तौर पर पिछले साल 18 मई को गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी.

आफताब पर आरोप है कि उसने श्रद्धा की हत्या कर उसके शव के 35 टुकड़े किये

गौरतलब है कि दिल्ली के महरौली इलाके में आफताब पूनावाला ने श्रद्धा वालकर की कथित रूप से हत्या कर दी थी. उसने वालकर के शव के कम से कम 35 टुकड़े कर उन्हें लगभग तीन सप्ताह तक 300 लीटर की क्षमता वाले फ्रिज में रखा था और फिर उन्हें दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में फेंक दिया था.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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