Shraddha Murder Case: आफताब ने समय काटने के लिए मांगा उपन्यास, जेल प्रशासन ने थमाया 'द ग्रेट रेलवे बाजार'

तिहाड़ जेल सूत्रों से खबर आ रही है कि श्रद्धा वालकर मर्डर केस के आरोपी आफताब ने जेल प्रशासन से कुछ डिमांड की है. सूत्रों के अनुसार आरोपी आफताब ने तिहाड़ प्रशासन से पढ़ने के लिए उपन्यास और साहित्य की किताबें मुहैया कराने की मांग की है.

श्रद्धा वालकर हत्याकांड के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला का पॉलीग्राफ व नार्को टेस्ट पूरा हो चुका है. जिसमें उसने पूछताछ में एक समान उत्तर दिये. इधर आरोपी आफताब को लेकर खबर आ रही है कि उसने जेल प्रशासन से समय काटने के लिए उपन्यास और साहित्य की किताबें मांगी है. जिसपर अधिकारियों ने पहल करते हुए उसकी मांग पूरी भी कर दी है.

तिहाड़ जेल प्रशासन से किताबों की मांग कर रहा आरोपी आफताब

श्रद्धा वालकर मर्डर केस के आरोपी आफताब ने तिहाड़ प्रशासन से पढ़ने के लिए उपन्यास और साहित्य की किताबें मुहैया कराने की मांग की थी. इधर श्रद्धा के हत्यारे की मांग पूरी करते हुए जेल अधिकारियों ने उसे किताब थमा दी है. किताब का नाम है द ग्रेट रेलवे बाजार.

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जानें द ग्रेट रेलवे बाजार के बारे में

बाय ट्रेन थ्रू एशिया अमेरिकी उपन्यासकार पॉल थेरॉक्स का एक यात्रा वृतांत है, जो पहली बार 1975 में प्रकाशित हुआ था. यह 1973 में लंदन से यूरोप, मध्य पूर्व, भारतीय उपमहाद्वीप और दक्षिण पूर्व एशिया के माध्यम से ट्रेन द्वारा थेरॉक्स की चार महीने की यात्रा और ट्रांस-साइबेरियन रेलवे के माध्यम से उनकी वापसी को याद करता है. पुस्तक में थेरॉक्स ने उपनिवेशवाद, अमेरिकी साम्राज्यवाद, गरीबी और अज्ञानता जैसे विषयों की खोज की. ये उनके द्वारा अनुभव किए गए स्थलों और ध्वनियों के साथ-साथ अन्य लोगों जैसे कि उनके साथी यात्रियों के साथ उनकी बातचीत में सन्निहित थे. इसमें कल्पना के तत्व जैसे स्थानों, स्थितियों और लोगों का वर्णन शामिल है, जो लेखक के अपने विचारों और दृष्टिकोण को दर्शाता है. द ग्रेट रेलवे बाजार के प्रकाशन से पहले थेरॉक्स अफ्रीका, सिंगापुर और इंग्लैंड में रहते थे.

जेल में शतरंज खेलकर समय गुजार रहा श्रद्धा का आरोपी आफताब

श्रद्धा वालकर हत्याकांड का आरोपी आफताब पूनेवाला को लेकर खबर है कि वह जेल में शतरंज खेलकर अपना समय गुजार रहा है. इस बात का खुलासा, तब हुआ जब जांच टीम अधिकारियों के साथ तिहाड़ जेल पहुंची थी. सूत्रों के हवाले से खबर है कि जब फोरेंसिक टीम तिहाड़ पहुंची थी उस समय आरोपी आफताब शतरंज खेल रहा था.

आफबात ने पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट में किया बड़ा खुलासा

श्रद्धा वालकर हत्या मामले में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला ने पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट में कई बड़े खुलासे किये हैं. पूछताछ में आफताब ने बताया कि उसने वालकर के शव के टुकड़े करने के लिए एक छुरे का भी इस्तेमाल किया था और उसने आरी को गुड़गांव में अपने दफ्तर के पास झाड़ियों में कहीं फेंक दिया था. पूनावाला ने बताया कि उसने श्रद्धा का सिर महरौली के जंगली इलाकों में और मोबाइल फोन मुंबई में समुद्र में फेंक दिया.

आफताब ने श्रद्धा की हत्या की बात स्वीकार की

पूछताछ में आफताब ने अपनी लिव-इन-पार्टनर की हत्या की बात स्वीकार की है और यह भी कबूल किया कि दिल्ली के जंगल वाले इलाकों में विभिन्न स्थानों पर उसके शव के टुकड़े फेंके थे. हालांकि, पुलिस को अभी तक वालकर की खोपड़ी नहीं मिली है और वह अभी भी शव के अन्य हिस्सों और खोपड़ी की तलाश कर रही है.

आरोपी आफताब ने श्रद्धा की हत्या कर उसके शव के 35 टुकड़े किये थे

गौरतबल है कि 28 वर्षीय पूनावाला पर ‘लिव इन रिलेशन’ में रह रही वालकर की हत्या करने, उसके शव के 35 टुकड़े कर उन्हें तीन सप्ताह तक दक्षिणी दिल्ली के महरौली स्थित आवास में 300 लीटर के फ्रिज में रखने एवं शव के हिस्सों को कई दिनों में शहर के विभिन्न हिस्सों में ठिकाने लगाने का आरोप है. पूनावाला को 12 नवंबर को गिरफ्तार किया गया.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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