Video: संसदीय दल की मीटिंग में अब तक पहुंचे सिर्फ तीन सांसद, बोले संजय राउत- जो नहीं आएंगे वो गद्दार

Video : शिवसेना (यूबीटी) की संसदीय दल की बैठक में पार्टी के सिर्फ तीन सांसद पहुंचे, बाकी सांसदों की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बन गई है. जानें पार्टी नेता संजय राउत ने क्या कहा?

Video : संसद में शिवसेना (यूबीटी) की बैठक के लिए संजय राउत, अरविंद सावंत और राजाभाऊ वाजे पहुंचे. बैठक से पहले संजय राउत ने कहा कि जो आएंगे वो हमारे हैं, जो नहीं आएंगे वो बेईमान और गद्दार हैं. वहीं जब अरविंद सावंत से पूछा गया कि क्या पार्टी के सभी सांसद बैठक में आएंगे, तो उन्होंने कुछ कहने के बजाय अंगूठा दिखाकर भरोसा जताया. न्यूज एजेंसी एएनआई ने एक वीडियो एक्स पर शेयर किया है. देखें वीडियो.

अरविंद सावंत ने दिल्ली में पार्टी की अहम बैठक से पहले कहा कि ‘व्हिप’ का उल्लंघन करने वाले सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

बैठक पार्टी के बागी सांसदों का भविष्य तय करेगी

शिवसेना में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच गुरुवार को नई दिल्ली में पार्टी के संसदीय दल की अहम बैठक बुलाई गई. बैठक से एक दिन पहले सभी सांसदों को अनिवार्य रूप से शामिल होने का व्हिप जारी किया गया. माना जा रहा है कि यह बैठक पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी और बागी तेवरों की तस्वीर साफ कर सकती है. पिछले कुछ दिनों से ऐसी चर्चाएं तेज हैं कि कुछ सांसद लोकसभा में अलग गुट बनाने की तैयारी में हैं और बाद में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं.

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लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) के नौ सदस्य हैं और अलग गुट बनाने के लिए कम से कम दो-तिहाई सांसदों की जरूरत होगी. अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और अरविंद सावंत, उद्धव खेमे के साथ हैं, जबकि बाकी छह सांसद संजय पाटिल, संजय देशमुख, ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल-आष्टीकर और संजय जाधव अलग खेमे में हैं. अगर बागी गुट का एक भी सांसद इस बैठक में शामिल हो गया तो उस गुट को अलग दल की मान्यता नहीं मिल सकती.

लोकसभा अध्यक्ष बिरला से मिले बागी नेता

सूत्रों के हवाले से ऐसी खबर है कि बढ़ते संकट के बीच शिवसेना (UBT) के बागी नेताओं के एक गुट ने बुधवार (17 जून) को अनौपचारिक रूप से लोकसभा अध्यक्ष बिरला से मुलाकात करके लोकसभा में पार्टी के नौ में से छह सांसदों का समर्थन होने का दावा किया.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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