केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश सरकार जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें, और जरूरत पड़ने पर उन्हें हथियार दी जाए. लड़कियों को उनके अधिकारों के बारे में सिखाने के लिए शिक्षकों को निशाना बनाया जा रहा है. कश्मीर में हिंदू शिक्षक रजनी बाला की हत्या में शामिल लोग महिलाओं को वापस घरों में घसीटना चाहते हैं. ये बात शिवसेना नेता नीलम गोरे ने कही.
आंतकवादियों ने शिक्षिका को मारी थी गोली
पुलिस के मुताबिक 36 वर्षीय रजनी बाला (Rajni Bala killing) की आतंकवादियों ने मंगलवार को गोली मारकर हत्या कर दी थी. वह सांबा जिले की रहने वाली थीं. बता दें कि कश्मीरी पंडित रजनी बाला कुलगाम के एक स्कूल में शिक्षिका थीं, जिसे प्रधानमंत्री राहत पैकेज के तहत रोजगार के तहत फिर से कश्मीर बुलाकर नौकरी दी गई थी.
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अब तक 22 हिंदुओं की हत्या
कश्मीरी पंडित नेता विनोद टिक्कू ने हत्या को लेकर कहा कि घाटी में आतंकवादियों ने 22 हिंदुओं की हत्या की है और 14 लोगों को घायल किया है. चांर मंदिरों पर भी हमले किए गए हैं. यह कश्मीर में अल्पसंख्यकों पर अघोषित हमला है और सरकार कह रही है कि स्थिति सामान्य है.
हिंदुओं को बनाया जा रहा निशाना
रजनी बाला की हत्या से आक्रोशित एक कश्मीरी पंडीत ने कहा कि हमने तय किया है कि अगर सरकार ने 24 घंटे के भीतर हमारे सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो फिर से बड़े पैमाने पर पलायन होगा. उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाकर हत्या करने का सिलसिला जारी है और समुदाय सरकार से अपील करते-करते थक गया है. उन्होंने कहा, हमें स्थानांतरित किया जाना चाहिए ताकि हमें बचाया जा सके.
हत्या के आक्रोश में संगठनों का प्रदर्शन
हत्या के विरोध में कश्मीरी पंडित संगठन समेत डोगरा फ्रंट ने भी विरोध प्रदर्शन किया और शहर में रैली निकाली. बजरंग दल के करीब 200 कार्यकर्ताओं ने भी बाला की हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने भी जम्मू-कश्मीर इकाई के नेतृत्व में प्रदर्शन किया.
