Shashi Tharoor On Advani: शशि थरूर ने जमकर की आडवाणी की तारीफ, पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी पर कही यह बात

Shashi Tharoor On Advani: बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी को जन्मदिन की बधाई देने और जमकर तारीफ करने पर कांग्रेस नेता शशि थरूर को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. थरूर ने आडवाणी को एक सच्चा राजनेता बताया, जिनका सेवामय जीवन अनुकरणीय रहा है. थरूर के पोस्ट के जवाब में एक वकील ने राम जन्मभूमि आंदोलन में आडवाणी की भूमिका का जिक्र करते हुए सोशल मीडिया एक्स पर लिखा 'माफ कीजिए श्रीमान थरूर इस देश में ‘घृणा के बीज’ (खुशवंत सिंह के शब्दों में) फैलाना जनसेवा नहीं है.'

Shashi Tharoor On Advani: बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को जन्मदिन की बधाई देने पर कांग्रेस नेता शशि थरूर को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. विरोध की शुरुआत शशि थरूर के सोशल मीडिया पर एक पोस्ट से हुई, जब शनिवार को थरूर ने आडवाणी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी. कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया एक्स पर अपने पोस्ट में लिखा “आदरणीय श्री लालकृष्ण आडवाणी को उनके 98वें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं. जनसेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता, उनकी विनम्रता और शालीनता तथा आधुनिक भारत की दिशा तय करने में उनकी भूमिका अमिट है.”

शशि थरूर ने जमकर की आडवाणी की तारीफ

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने रविवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के लंबे सार्वजनिक जीवन और सेवा को एक घटना तक सीमित करना अनुचित है. थरूर ने यह भी कहा कि जब पंडित जवाहरलाल नेहरू के पूरे राजनीतिक जीवन का आकलन चीन संबंधी झटके से नहीं किया जा सकता और इंदिरा गांधी का आकलन केवल आपातकाल से नहीं किया जा सकता, तो ऐसे में ‘‘हमें आडवाणी जी के प्रति भी यही शिष्टाचार दिखाना चाहिए.’’ अपने पोस्ट में थरुर ने आडवाणी को एक सच्चे राजनेता के रूप में वर्णित किया है, जिनका सार्वजनिक जीवन अनुकरणीय रहा है.

थरूर के पोस्ट का विरोध

शशि थरूर के पोस्ट के जवाब में एक वकील ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया “माफ कीजिए श्रीमान थरूर, इस देश में ‘घृणा के बीज’ (खुशवंत सिंह के शब्दों में) फैलाना जनसेवा नहीं है.” वकील का संकेत राम जन्मभूमि आंदोलन में आडवाणी की भूमिका की ओर था. खुशवंत सिंह ने अपनी किताब ‘द एंड ऑफ इंडिया’ में  आडवाणी के खिलाफ इस शब्द का इस्तेमाल किया था.

थरूर ने दिया वकील को जवाब

वकील के पोस्ट का जवाब देते हुए थरूर ने कहा “सहमत हूं संजय उवाच, लेकिन उनकी लंबी सेवा को एक प्रकरण तक सीमित करना, चाहे वह कितनी भी महत्वपूर्ण क्यों न हो, अनुचित है.” बता दें, बीजेपी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी को इस साल भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न से सम्मानित किया गया है. उन्होंने 1990 में रथयात्रा के माध्यम से राम जन्मभूमि आंदोलन का नेतृत्व किया था.

कांग्रेस ने बयान से काटी कन्नी

कांग्रेस पार्टी ने शशि थरूर की ओर से बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी की तारीफ किये जाने से खुद को अलग कर लिया है. रविवार को पार्टी ने कहा कि वह व्यक्तिगत हैसियत से अपनी बात कह रहे हैं. उनका केंद्रीय कार्यसमिति के सदस्य के रूप में ऐसा करना पार्टी की लोकतांत्रिक और उदार भावना को दर्शाता है.  कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा ‘‘हमेशा की तरह, डॉ. शशि थरूर अपनी बात कह रहे हैं और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अपने आप को उनके हालिया बयान से अलग रखती है.’’ खेड़ा ने यह भी कहा कि कांग्रेस सांसद और CWC सदस्य के रूप में उनका ऐसा करना कांग्रेस की विशिष्ट लोकतांत्रिक और उदारवादी भावना को दर्शाता है. (इनपुट भाषा)

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Author: Pritish Sahay

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