पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा संभाल चुकीं शालिनी, आज करती हैं ये काम, ऐसी है संघर्ष की कहानी

शालिनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में 2015 और 2018 में शामिल रहीं. शालिनी युवाओं के लिए प्ररेणा स्त्रोत हैं. उन्हें अत्याधुनिक हथियार, वीआईपी सुरक्षा, क्लोज प्रोटेक्शन का महारत हासिल है.

तमिलनाडु की पहली महिला पुलिस शालिनी के संघर्ष की कहानी प्रेरणादायी है. शालिनी आज तमिलनाडु स्पेशल पुलिस की 10वीं बटालियन उलंदुरपेट में हेड कॉन्स्टेबल हैं. जब वह पुलिस सेवा में आयीं तो तो उन्हें एक लाठी दी गयी. लेकिन कुछ ही दिनों में उनके हाथ में एक पी-90 सब मशीन गन थी. शालिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीपीटी में शामिल हो गयी. सीपीटी, एसपीजी के अंडर में काम करती है.

2015 और 2018 में शालिनी पीएम मोदी की सुरक्षा में थी तैनात

शालिनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में 2015 और 2018 में शामिल रहीं. शालिनी युवाओं के लिए प्ररेणा स्त्रोत हैं. उन्हें अत्याधुनिक हथियार, वीआईपी सुरक्षा, क्लोज प्रोटेक्शन का महारत हासिल है.

ऐसी है शालिनी की संघर्ष की कहानी

शालिनी 2005 में एक सिपाही के रूप में तमिलनाडु विशेष पुलिस सेवा में शामिल हुईं. बाद में उन्होंने गणित विषय के साथ स्नातक की डिग्री ली. उन्हें बाद में तमिलनाडु पुलिस अकादमी में परेड प्रशिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया. उन्होंने बताया, जब वह ट्रेनिंग दे रही थीं, उसी समय एसपीजी के अधिकारियों ने देखा और उन्हें कुछ परिक्षाओं और फिजिकल टेस्ट में हिस्सा लेने की सलाह दी. बाद में उन्हें 2013 में एसपीजी के लिए चुना गया.

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सोनिया गांधी के घर तैनात की गयी शालिनी, मौका मिला और पीएम मोदी की सुरक्षा में हो गयी तैनात

शालिनी ने बताया, जब उन्हें एसपीजी में शामिल किया गया, तो उन्होंने एक बार फिर से ट्रेनिंग ली और फिर उन्हें कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के घर पर तैनात कर दिया गया था. हालांकि शालिनी को जब यह पता चला की प्रधानमंत्री की सुरक्षा में शामिल होने का मौका है, तो वो पीछे नहीं हटीं और सीपीटी में शामिल हो गयीं.

पहली मुलाकात में ही शालिनी ने जीत लिया था पीएम मोदी का दिल

शालिनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी पहली मुलाकात के बारे में बतायीं और काफी रोमांचित हो गयीं. उन्होंने बताया, पीएम मोदी के साथ पहली मुलाकात में उन्होंने अपना परिचय तमिलनाडु की शालिनी के रूप में दिया. जिससे पीएम मोदी काफी खुश हुए.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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