वरिष्ठ पत्रकार रवि प्रकाश का निधन, गंभीर बीमारी कैंसर से लड़ रहे थे जंग

Ravi Prakash Passed Away : वरिष्ठ पत्रकार रवि प्रकाश का निधन हो गया है. वे गंभीर बीमारी कैंसर का इलाज करा रहे थे

Ravi Prakash Passed Away : प्रभात खबर समेत देश के कई अखबारों के संपादक रहे वरिष्ठ पत्रकार रवि प्रकाश का निधन हो गया है. वे गंभीर बीमारी कैंसर से लड़ रहे थे. साल 2021 के जनवरी महीने में रवि प्रकाश को लंग कैंसर होने की बात पता चला थी. इसके बाद इस घातक बीमारी से लड़ने की उनकी जंग शुरू हुई. मुंबई के टाटा कैंसर इंस्टीट्यूट में उनका लंबा इलाज चला था.

Read Also : कैंसर, तुमने मेरी जिंदगी बदल दी, कैंसर से लड़ रहे वरिष्ठ पत्रकार रवि प्रकाश की चिट्ठी

रवि प्रकाश के करीबी अविनाश दास ने उनके निधन की पुष्टि की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर इस संबंध में जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि हमारे पुराने मित्र, सहकर्मी और साहस से भरे हुए पत्रकार रवि प्रकाश नहीं रहे. वह कैंसर से लड़ रहे थे. ज़िंदगी कैसे जी जाती है, हमने उनसे सीखा है. आप हमारी ज़िंदगी में हमेशा शामिल रहेंगे दोस्त… अलविदा मेरे प्यारे भाई!

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >