Semiconductor: देश में जल्द बनेगी सबसे छोटी और आधुनिक चिप

नोएडा और बेंगलुरु में 3 एनएम की चिप का उत्पादन होगा, जो सेमीकंडक्टर इनोवेशन के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा. भारत में मौजूदा समय में 7 और 5 एनएम के चिप का निर्माण किया जा रहा है. लेकिन अब भारत में नयी तकनीक और नये जेनरेशन के चिप के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है.

Semiconductor: देश में जल्द ही सबसे छोटी चिप का निर्माण होगा. सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में इस चिप के निर्माण से भारत वैश्विक स्तर पर अपनी धमक साबित करने में सफल होगा. मंगलवार को केंद्रीय आईटी, रेल एवं सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नोएडा और बेंगलुरु में आधुनिक तकनीक से बने रेनेसां इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का उद्घाटन किया. इस कंपनी में 3 एनएम की चिप का उत्पादन होगा, जो सेमीकंडक्टर इनोवेशन के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा. भारत में मौजूदा समय में 7 और 5 एनएम के चिप का निर्माण किया जा रहा है. लेकिन अब भारत में नयी तकनीक और नये जेनरेशन के चिप के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है. 


केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास के लिए तीन स्तरीय रणनीति पर काम कर रहा है, जिसमें डिजाइन, फैब्रिकेशन, एटीएमपी(एसेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग) के अलावा उपकरण, केमिकल और सप्लाई चेन शामिल है. भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में दुनिया की बड़ी कंपनियां निवेश कर रही हैं. दुनिया की दिग्गज कंपनी एप्लाइड मटेरियल और लैम रिसर्च भारत में काम कर रही है. वैष्णव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर डिजाइन सेंटर के बनने से देश में एक इकोसिस्टम तैयार होगा और इस क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं को बेहतर मौका मिल सकेगा. 

देश में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम मजबूत करना है लक्ष्य


केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सरकार देश में व्यापक पैमाने पर सेमीकंडक्टर डिजाइन सेंटर को बढ़ावा देने की नीति पर काम कर रही है. इस दौरान उन्होंने नया सेमीकंडक्टर लर्निंग किट भी लांच किया. ताकि युवा इस क्षेत्र में हार्डवेयर कौशल को बेहतर बनाने का गुर सीख सके. उन्होंने कहा कि देश के 270 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों में इलेक्ट्रॉनिक, डिजाइन, ऑटोमेशन सॉफ्टवेयर टूल का मुहैया कराया जा चुका है. अब ऐसे संस्थानों को हार्डवेयर किट मुहैया कराने का काम किया जा रहा है. हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को एक साथ सीखने से देश में एक नया टेलेंट पूल बनेगा. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में काम कर रहे है. सरकार के प्रयास के कारण पिछले तीन साल में देश का सेमीकंडक्टर क्षेत्र नयी पहचान बनाने की दिशा में अग्रसर है. आने वाले समय में इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद जैसे स्मार्ट फोन, लैपटॉप, सर्वर, मेडिकल उपकरण, रक्षा उपकरण, ऑटोमोबाइल और अन्य क्षेत्र में सेमीकंडक्टर की मांग बढ़ेगी. ऐसे में भारत इस क्षेत्र में नयी ऊर्जा के साथ काम कर रहा है और यह क्षेत्र आने वाले समय में विकास का इंजन बनेगा. 

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Published by: Anjani kumar singh

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