देश में कोरोना वायरस के मामलों में कमी के साथ-साथ धीरे-धीरे सभी चीजों पर छूट मिलती जा रही है. लगभग सभी राज्यों में लंबे समय से बंद स्कूल-कॉलेज भी धीरे-धीरे खुलने लगे हैं. राज्य सरकारें कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए बच्चों को स्कूल बुलाने की अनुमति दे दी है. इसी क्रम में अब उत्तराखंड सरकार ने भी 8 फरवरी से स्कूल खोलने की अनुमति दे दी है. हालांकि सरकार ने स्कूल खोलने को लेकर कुछ गाइडलाइन भी जारी किया है, जिसका पालन करना अनिवार्य होगा.
इन क्लास के छात्रों के लिए 8 फरवरी से खुल रहे हैं स्कूल
उत्तराखंड सरकार ने अपने यहां कोरोना के मामले कम होने के साथ ही 6 फरवरी से स्कूल खोलने की घोषणा कर दी है. सरकार ने बताया, 6 से 11 क्लास के छात्रों के लिए 8 फरवरी से स्कूल खोले जाएंगे.
स्कूल खोलने पर इन गाइडलाइन का करना होगा पालन
उत्तराखंड सरकार ने स्कूल खोलने की अनुमित देने के साथ ही कुछ गाइडलाइन भी जारी किये हैं, जिसका पालन अनिवार्य रूप से करना होगा.
1. खोले जाने से पूर्व सभी स्कूलों को सेनेटाइज करना होगा. इसके अलावा यह प्रक्रिया प्रतिदिन प्रत्येक पाली के उपरांत करना होगा.
2. स्कूल में सेनेटाइजर, हैंडवॉश, थर्मलस्कैनिंग और प्राथमिक उपचार की पूरी व्यवस्था करना होगा.
3. अगर किसी को भी सर्दी, बुखार या खांसी होती है, तो प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर वापस भेज देना होगा.
4. सभी स्कूल में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति करना होगा. जो कोरोना संबंधी गाइडलाइन का अनुपालन हेतु उत्तरदायी होगा. अगर कोई कोरोना संक्रमित होता है, तो नोडल अधिकारी को फौरन इसी सूचना जिला प्रशासन को देना होगा.
5. हैंडसेनेटाइज, थर्मल स्कैनिंग और हैंडवॉश के बाद ही छात्रों को स्कूल में प्रवेश की अनुमति होगी.
6. सभी को मास्क लगाकर ही स्कूल में इंट्री दी जाएगी.
7. स्कूल में आने और जाने के समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा. एक साथ सभी क्लास के छात्रों को नहीं छोड़ा जाए.
8. स्कूल बसों को रोजाना सेनेटाइज करना होगा. इसके साथ ही बैठने में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा.
9. क्लास में छात्रों को सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करना होगा. बच्चों को दूर-दूर बैठाने की पूरी व्यवस्था करनी होगी.
10. इसके अलावा सबसे अनिवार्य है कि बच्चों को स्कूल अभिभावकों की अनुमति के बाद ही बुलाया जा सकेगा. स्कूल में छात्रों की उपस्थिति को लेकर लचीला रूख अपनाये जाने की सलाह दी गयी है. साथ ही सरकार ने साफ कर दिया है कि स्कून प्रबंधन किसी भी छात्र को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है.
Posted By – Arbind kumar mishra
