Scam Alert: हेलो, मैं एसएचओ बोल रहा हूं ! क्या आपके पास भी आये ऐसे कॉल? तो हो जायें सावधान

बिहार के एक व्यवासायी ने भी ऑनलाइन ठगी के बारे में जानकारी दी. हालांकि ठगी का शिकार होने से वो बच गये. बिहार के व्यवासायी जयेश मेहरोत्र ने बताया, उन्हें कुछ दिनों पहले रात 10 बजे एक कॉल आया. जिसमें दूसरे ओर से व्यक्ति ने बताया कि वह दिल्ली पुलिस की ओर से कॉल कर रहा है.

Scam Alert क्या आपके मोबाइल पर भी किसी अंजान नंबर से फोन आया और दूसरी ओर से बोल रहे व्यक्ति ने अपना परिचय एसएचओ के रूप में दिया. अगर हां, तो आप घबराने की बजाय थोड़ा रूक जायें और नंबर की जांच कर लें. यह संभव है कि कॉल दिल्ली पुलिस के कोई अधिकारी का न हो बल्कि ठग का हो. जो आपके बैंक खाते से पैसे निकालने की फेर में हो. दरअसल इन दिनों ऑनलाइन ठगी करने वाले, लोगों को अपनी जाल में फंसाने के लिए कई तरह के हथकंड़े अपना रहे हैं. एक छोटी से गलती और बैंक खाते से पैसे गायब कर ले रहे हैं ऐसे ठग.

मैं SHO बोल रहा हूं…

हाल के दिनों में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, जिसमें जोगाबाई एक्सटेंशन में होम्योपैथी डॉक्टर दीपांजन देब भी उन पीड़ितों में शामिल हैं, जिसे ठगों ने अपना शिकार बनाया. उन्होंने बताया कि उन्हें एक दिन ऐसे ही अनजान नंबर से फोन आया. उन्होंने बताया कि उस फोन कॉल को उन्हें वैध मान लिया, क्योंकि उन्होंने एक दिन पहले ही अपना बटुआ खोने की शिकायत की थी. इसलिए मैंने आवेदन की प्रक्रिया के लिए ओटीपी नंबर दे दिया. मुझे नहीं पता था कि यह मेरे खाते से 70,000 रुपये गायब कर देंगे. उन्होंने बताया कि उनके पास अपना एटीएम कार्ड ब्लॉक करने और मामले की रिपोर्ट करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था.

बिहार के व्यावसायी ने लिया चालाकी से काम, ठगी का शिकार होने से ऐसे बचे

बिहार के एक व्यवासायी ने भी ऑनलाइन ठगी के बारे में जानकारी दी. हालांकि ठगी का शिकार होने से वो बच गये. बिहार के व्यवासायी जयेश मेहरोत्र ने बताया, उन्हें कुछ दिनों पहले रात 10 बजे एक कॉल आया. जिसमें दूसरे ओर से व्यक्ति ने बताया कि वह दिल्ली पुलिस की ओर से कॉल कर रहा है. उन्होंने बताया कि वे सोने जा रहे थे और उनके मोबाइल पर फोन आया. उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह किसका सामना करने वाला है. फोन पर बताया गया कि उनके भाई का एक्सीडेंट हो गया है. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर पैसों की मांग कर रहे हैं. फोन पर उन्हें क्यूआर कोड पर भुगतान करने के लिए कहा गया. उन्होंने कहा, बेशक ऐसी खबरें सुनकर कोई भी घबरा जाएगा, और मैं भी. लेकिन जब मैं अपने भाई की सुरक्षा को लेकर चिंतित था और लगभग अस्पताल जाने की कगार पर था, मुझे लगा कि मेरा भाई उस दिन शहर में नहीं था क्योंकि वह किसी काम से पटना गया था. उन्हें तत्काल अपने भाई को फोन किया, ताकी यह पता चल सके की वह सुरक्षित है या नहीं.

Also Read: Cyber Crime: मोबाइल मैसेज और ऑनलाइन गेमिंंग से सबसे ज्यादा हो रही ठगी, इससे बचने के लिए इन उपायों को अपनाएं

दिल्ली पुलिस ने लोगों को किया सतर्क

ऑनलाइन ठगी के बारे में शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक एडवाइजरी जारी किया. जिसमें ऐसी कॉल्स की रिपोर्ट करने का अनुरोध किया. पुलिस ने कहा, हम लोगों को ऐसी कॉल्स से सावधान रहने और सुरक्षित रहने की सलाह देते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >