सरकार ने ED डाइरेक्टर का फिर बढ़ाया कार्यकाल, SC में याचिका, जस्टिस एसके कौल ने सुनवाई से खुद को किया अलग

न्यायमूर्ति एसके कौल ने खुली अदालत में याचिकाओं से सुनवाई से खुद को अलग करने संबंधी अपने फैसले की घोषणा के लिए कोई कारण नहीं बताया, लेकिन सर्वोच्च अदालत ने पिछले साल यह साफ कर दिया था कि प्रवर्तन निदेशक के तौर पर संजय कुमार मिश्रा का कार्यकाल अब और नहीं बढ़ाया जा सकता.

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने गुरुवार 17 नवंबर को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के डायरेक्टर संजय कुमार मिश्रा का कार्यकाल एक बार फिर बढ़ा दिया है. यह तीसरा ऐसा मौका है, जब सरकार ने प्रवर्तन निदेशक के तौर पर संजय कुमार मिश्रा के कार्यकाल को एक साल के लिए विस्तार दिया है. सरकार की ओर से प्रवर्तन निदेशक संजय कुमार मिश्रा का कार्यकाल तीसरी बार बढ़ाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई, लेकिन इस याचिका पर सुनवाई के दौरान सर्वोच्च अदालत के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसके कौल ने प्रवर्तन निदेशक का कार्यकाल बढ़ाकर पांच साल तक करने के संशोधित कानून के खिलाफ तमाम याचिकाओं की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है.

सेवा विस्तार देने से कोर्ट ने पहले ही किया था इनकार

हालांकि, न्यायमूर्ति एसके कौल ने खुली अदालत में याचिकाओं से सुनवाई से खुद को अलग करने संबंधी अपने फैसले की घोषणा के लिए कोई कारण नहीं बताया, लेकिन सर्वोच्च अदालत ने पिछले साल यह साफ कर दिया था कि प्रवर्तन निदेशक के तौर पर संजय कुमार मिश्रा का कार्यकाल अब और नहीं बढ़ाया जा सकता. न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति एएस ओका की पीठ प्रवर्तन निदेशालय के प्रमुखों को कार्यकाल विस्तार देने के विवादास्पद मुद्दों पर दायर याचिकाओं की सुनवाई कर रही है. न्यायमूर्ति एसके कौल ने आदेश दिया कि विषय को उस पीठ में सूचीबद्ध किया जाए, जिसके वह सदस्य नहीं हैं.

फिर क्यों दिया सेवा विस्तार

वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने एक याचिकाकर्ता की ओर से पेश होते हुए पीठ को बताया कि केंद्र ने सर्वोच्च अदालत में लंबित याचिकाओं को नाकाम करने के लिए ईडी के मौजूदा निदेशक संजय कुमार मिश्रा का कार्यकाल फिर से बढ़ाया है. पीठ ने कहा कि चूंकि, पक्षकारों के वकील ने विषय में कुछ तात्कालिकता का उल्लेख किया है. इसलिए विषय को आवश्यक आदेशों के लिए प्रधान न्यायाधीश के समक्ष रखा जाएगा.

आईआरएस अफसर मिश्रा को तीसरी बार मिला विस्तार

कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला और जया ठाकुर, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा और साकेत गोखले द्वारा दायर याचिकाओं सहित याचिकाओं का एक समूह सुनवाई के लिए पीठ के समक्ष आया था. एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, केंद्र सरकार ने गुरुवार को संजय कुमार मिश्रा को एक साल का कार्यकाल विस्तार दिया. भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी को इस पद पर तीसरी बार यह कार्यकाल विस्तार मिला है.

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सरकार ने एक साल के लिए दिया सेवा विस्तार

सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि 1984 बैच के आईआरएस अधिकारी संजय कुमार मिश्रा 18 नवंबर 2023 तक पद पर रहेंगे. संजय कुमार मिश्रा (62) को 19 नवंबर 2018 को दो साल के लिए ईडी का निदेशक नियुक्त किया गया था. बाद में, 13 नवंबर 2020 को जारी एक आदेश में केंद्र सरकार ने नियुक्ति पत्र को संशोधित कर दिया और उनके दो साल के कार्यकाल को बदल कर तीन साल कर दिया गया. सरकार ने पिछले साल एक अध्यादेश जारी किया था, जिसके तहत ईडी और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के प्रमुखों के कार्यकाल को दो साल के कार्यकाल के बाद तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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