एकनाथ शिंदे के बेटे के नाम पर जमीन पर थूका? संजय राउत की हरकत से महाराष्ट्र में घमासान

संजय राउत रोजाना की तरह शुक्रवार को अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे. उसी समय पत्रकार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंद और उनके बेटे सांसद श्रीकांत शिंदे को लेकर सवाल पूछा. सवाल सुनते ही संजय राउत ने पहले कथित रूप से जमीन पर थूका, फिर जवाब दिया.

उद्धव ठाकरे (यूबीटी) गुट के सांसद संजय राउत हमेशा अपने बयान को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. इस बार भी उन्होंने ऐसी हरकत कर दी कि जिसके बाद चर्चा में आ गये हैं. यही नहीं राउत की हरकत की वजह से महाराष्ट्र की राजनीति में घमासान भी शुरू हो गयी है. महाविकास अघाड़ी में दरार पड़ने की संभावना बढ़ गयी है.

क्या है मामला

दरअसल संजय राउत रोजाना की तरह शुक्रवार को अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे. उसी समय पत्रकार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंद और उनके बेटे सांसद श्रीकांत शिंदे को लेकर सवाल पूछा. सवाल सुनते ही संजय राउत ने पहले कथित रूप से जमीन पर थूका, फिर जवाब दिया. अब उनकी इसी हरकत ने महाराष्ट्र की सियासी का पारा बढ़ा दिया है. विवाद बढ़ने के बाद जब राउत से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने अपनी गलती मानने के बजाय, उल्टा पत्रकार से पूछा, क्या थूकने पर पाबंदी है. उन्होंने आगे कहा, विरोध दर्शाने के लिए थूकना महाराष्ट्र की संस्कृति है.

एनसीपी नेता अजित पवार ने दी नसीहत, तो संजय राउत ने किया पलटवार

एनसीपी नेजा अजित पवार से जब संजय राउत की हरकत को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत को नसीहत दे डाली. अजित दादा ने कहा, महाराष्ट्र की एक संस्कृति है. परंपरा और इतिहास है. उन्होंने आगे कहा, यशवंत चव्हाण ने हमें राजनीतिक संस्कृति दी है, जिसका पालन सभी को करना चाहिए. अजित पवार की इस सलाह पर जब संजय राउत से पूछा गया तो उन्होंने एनसीपी नेता पर ही पलटवार कर दिया. राउत ने कहा, बांध में पेशाब करने से तो बेहतर है थूक देना. उन्होंने आगे कहा, जिसकी जलती है, उसी को पता चलता है. दरअसल 2013 में अजित पवार ने सूखाग्रस्त किसानों का मजाक उड़ाते हुए कहा था कि जब बांध में पानी ही नहीं है, तो क्या पेशाब करके पानी दें.

Also Read: ‘2024 के बाद देश में बनेगी गठबंधन की सरकार’, संजय राउत ने किया ऐसा दावा

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >