BJP सांसद संदीप पाठक ने कहा- मुझे FIR के बारे में जानकारी नहीं, AAP से अलग होने की वजह बताई

Sandeep Pathak: आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने अपने ऊपर दर्ज एफआईआर से इनकार किया है.

Sandeep Pathak: राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और कहा- कल से टेलीविजन चैनल यह रिपोर्ट कर रहे हैं कि पंजाब में मेरे खिलाफ दो FIR दर्ज की गई हैं. मुझे अभी तक इन FIR के बारे में कोई औपचारिक या अनौपचारिक जानकारी नहीं मिली है. मैं FIR की कॉपी मिलने का इंतजार कर रहा हूं ताकि मैं उसका जवाब दे सकूं. मेरे पास अभी तक FIR के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

FIR की कॉपी मिलने के बाद जानकारी दूंगा- संदीप पाठक

संदीप पाठक ने कहा- हो सकता है कि अगर सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल करके कोई FIR दर्ज की गई हो, तो मैं उसे देखने के बाद ही पूरी तरह से जवाब दे पाऊंगा. जो भी मुझे जानता है, जिसने भी मेरे साथ काम किया है – चाहे वे वॉलंटियर हों या नेता – वे अच्छी तरह जानते हैं कि मैं एक ऐसा व्यक्ति हूं जो सिद्धांतों और नेकी पर चलता है. जब तक मैंने आम आदमी पार्टी में काम किया, मैंने सिद्धांतों और नेकी के अनुसार ही काम किया. आज, मैं भारतीय जनता पार्टी में हूं. मैं सिद्धांतों और नेकी के अनुसार ही काम करता रहूंगा.

संदीप पाठक ने आम आदमी पार्टी छोड़ने की वजह बताई

राजनीति में सफलता या असफलता मेरे लिए कोई मायने नहीं रखती. मुझे यह सुनिश्चित करना है कि, भले ही मैं असफल हो जाऊं, मैं कभी भी अपने राजनीतिक धर्म को न तोड़ूं. मैंने आम आदमी पार्टी किसी निजी कारण से नहीं छोड़ी. मैंने ऐसा विचारधारा और काम करने के तरीके में लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों के कारण किया. उन्होंने कहा- राजनीति में आना एक कठिन निर्णय होता है और यही कारण है कि लोग राजनीति में आना नहीं चाहते हैं. मैं राजनीति में आ गया हूं, तो मेरा साथ ईश्वर देगा.

गैर-जमानती धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई

संदीप पाठक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. इस सिलसिले में पंजाब पुलिस की एक टीम दिल्ली गई थी, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही पाठक एक एसयूवी में सवार होकर अपने घर से निकल चुके थे. इधर एफआईआर को लेकर बीजेपी ने आम आदमी पार्टी और पंजाब की भगवंत मान सरकार पर हमला बोला है. बीजेपी ने इसे बदले की कार्रवाई बताया है.

ये भी पढ़ें: आप छोड़ने वाले राज्यसभा सांसद संदीप पाठक पर दो FIR, बीजेपी ने बताया बदले की राजनीति

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Arbindkumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >