अरविंद केजरीवाल को सिर्फ ‘भ्रष्टासन’ आता है, सुकेश चंद्रशेखर की चिट्ठी के बाद संबित पात्रा ने लगाया आरोप

संबित पात्रा ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि खबरों से मालूम पड़ा है कि ठग के घर में ठगी हो गयी है. ठग का नाम है सुकेश चंद्रशेखर और उनके साथ ठगी करने वाले महाठग हैं आम आदमी पार्टी और उनके वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन.

भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता संबित पात्रा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी पर आरोप लगाया कि केजरीवाल जी और उनकी पार्टी के लोगों को सिर्फ ‘भ्रष्टासन’ ही आता है और कुछ इन्हें नहीं आता है. ये लोग जब से सत्ता में आये हैं इनके भ्रष्टासन का एक के बाद एक खुलासा हो रहा है.

आप पर संबित पात्रा ने बोला हमला

संबित पात्रा ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि खबरों से मालूम पड़ा है कि ठग के घर में ठगी हो गयी है. ठग का नाम है सुकेश चंद्रशेखर और उनके साथ ठगी करने वाले महाठग हैं आम आदमी पार्टी और उनके वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन.


सुकेश को सत्येंद्र जैन ने ठगा

संबित पात्रा ने कहा कि सुकेश चंद्रशेखर वो आदमी है जिसने तिहाड़ जेल में रहते हुए कई लोगों के साथ ठगी की. संबित पात्रा ने कहा कि सुकेश चंद्रशेखर ने जेल से एलजी को चिट्ठी लिखी और उस चिट्ठी में उन्होंने कई गंभीर आरोप सत्येंद्र जैन पर लगाये.

2015 से आप के संपर्क में है सुकेश चंद्रशेखर

सुकेश ने अपनी चिट्ठी में सत्येंद्र जैन पर आरोप लगाते हुए कहा कि 2015 से मैं आम आदमी के संपर्क में हूं. वे जब जेल में था उनसे कई बार सत्येंद्र जैन की मुलाकात हुई. प्रोटेक्शन मनी के तौर पर उन्होंने मंत्री को 10 करोड़ रुपये दिये. यह प्रोटेक्शन मनी सुकेश मनी ने जेल में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दिये थे. सुकेश ने एलजी से इस मामले में जांच कराने की मांग की है. सुकेश ने आरोप लगाया है कि सत्येंद्र जैन से उन्हें धमकी मिल रही है.

सुकेश ने आम आदमी को दिया 50 करोड़

सुकेश चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि सत्येंद्र जैन और उनकी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में भेजने का वादा किया था और इसके एवज में उनसे 50 करोड़ रुपये लिये थे. सुकेश पर जालसाजी और धोखाधड़ी का आरोप भी है और करीब 15 एफआईआर दर्ज हैं.

अरविंद केजरीवाल ने किया पलटवार

संबित पात्रा के इस आरोप पर अरविंद केजरीवाल ने पलटवार किया है और कहा है कि मोरबी हादसे से लोगों का ध्यान हटाने के लिए इस पूरे घटनाक्रम को सामने लाया गया है. मोरबी घटना में 135 लोगों की मौत के बाद मीडिया ने सवाल उठाने शुरू कर दिये थे और मीडिया में यह मामला छाया हुआ था. लेकिन इसी बीच सुकेश चंद्रशेखर का बयान सामने आया है, जिसकी वजह से मोरबी हादसा मीडिया से गायब हो गया है. यह पूरा आरोप मोरबी घटना को दबाने के लिए समाने लाया गया है.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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