सैम पित्रोदा फिर से इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष नियुक्त, विवादों से रहा है नाता

Sam Pitroda: कांग्रेस ने सैम पित्रोदा को बुधवार को एक बार फिर से ‘ इंडियन ओवरसीज कांग्रेस ’ का प्रमुख नियुक्त कर दिया.

Sam Pitroda: कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार , कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पित्रोदा की फिर से नियुक्ति की. पित्रोदा ने लोकसभा चुनाव के दौरान आठ मई को ‘इंडियन ओवरसीज कांग्रेस’ के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था.

इस विवादित बयान के बाद पित्रोदा ने दिया था इस्तीफा

सैम पित्रोदा ने लोकसभा चुनाव के दौरान एक विवाद टिप्पणी कर दी थी. उन्होंने कहा था कि पूर्व के लोग चीनी और दक्षिण भारतीय अफ्रीकी नागरिकों जैसे दिखते हैं. उनकी इस टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया था.

बीजेपी ने पित्रोदा पर किया था बड़ा हमला

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पित्रोदा की नस्ली टिप्पणियों को लेकर उन पर निशाना साधते हुए दावा किया था कि इससे विपक्षी दल की विभाजनकारी राजनीति बेनकाब हो गई है.

क्या था सैम पित्रोदा का पूरा बयान

इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा ने एक पॉडकास्ट में कहा था, हम 75 साल से बहुत सुखद माहौल में रह रहे हैं, जहां कुछ लड़ाइयों को छोड़ दें तो लोग साथ रह सकते हैं. पित्रोदा ने कहा, हम भारत जैसे विविधता से भरे देश को एकजुट रख सकते हैं. जहां पूर्व के लोग चीनी जैसे लगते हैं, पश्चिम के लोग अरब जैसे दिखते हैं, उत्तर के लोग गोरों और दक्षिण भारतीय अफ्रीकी जैसे लगते हैं. उन्होंने कहा, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, हम सभी भाई-बहन हैं. भारत में अलग-अलग क्षेत्र के लोगों के रीति-रिवाज, खान-पान, धर्म, भाषा अलग-अलग हैं, लेकिन भारत के लोग एक-दूसरे का सम्मान करते हैं.

पीएम मोदी ने पित्रोदा पर साधा था निशाना

लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सैम पित्रोदा पर जमकर निशाना साधा था. पीएम मोदी ने कहा था, मैं गुस्से में हूं. अगर कोई मुझे गाली देता है तो मुझे गुस्सा नहीं आता. मैं बर्दाश्त कर सकता हूं. लेकिन सैम पित्रोदा ने इतनी बड़ी गाली दे दी, जिससे मुझे गुस्सा आ गया है. पीएम मोदी ने पित्रोदा की टिप्पणियों को ‘नस्ली’ बताते हुए कहा कि लोग त्वचा के रंग के आधार पर देशवासियों का अपमान करने के प्रयास को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

पित्रोदा ने विरासत टैक्स पर भी दिया था बयान, हुआ था भारी हंगामा

लोकसभा चुनाव के दौरान सैम पित्रोदा ने विरासत टैक्स को लेकर भी बयान दे दिया था, जिसे बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुद्दा बना लिया था. पित्रोदा ने अमेरिका के विरासत टैक्स वाली व्यवस्था के बारे में बताते हुए कहा था कि अमेरिका में विरासत कर लगता है. अगर किसी के पास 10 करोड़ डॉलर की संपत्ति है और जब उसकी मृत्यु हो जाती है तो इसमें से केवल 45 फीसदी उसके बच्चों को मिल सकता है. शेष 55 प्रतिशत संपत्ति सरकार के पास चली जाती है. उसके बाद उन्होंने इसे भारत से भी कनेक्ट कर दिया. उन्होंने कहा था, भारत में ऐसा कानून नहीं है. अगर किसी की संपत्ति 10 अरब है और वह मर जाता है, तो उसके बच्चों को 10 अरब मिलते हैं और जनता को कुछ नहीं मिलता. लोगों को इस तरह के मुद्दों पर चर्चा करनी होगी. पित्रोदा के बयान पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी विरासत कर लगाने की योजना बना रही है. इसपर पीएम मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर कटाक्ष भी किया था. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस का मंत्र है- कांग्रेस की लूट जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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