RSS: दिल्ली में संघ का बना नया आधुनिक कार्यालय

भाजपा का वैचारिक संगठन आरएसएस दिल्ली में काफी अरसे बाद पुराने कार्यालय से काम करना शुरू करेगा. लगभग 3.75 हेक्टेयर में बने मुख्यालय में 13 मंजिला तीन इमारत का निर्माण किया गया है, जिसमें 300 कमरे और ऑफिस बनाया गया है. दिल्ली में संघ का नया मुख्यालय आधुनिक तकनीक और परंपरागत भारतीय कला का संगम है. इस इमारत का निर्माण पिछले 8 साल से चल रहा था, लेकिन कोरोना के कारण निर्माण में देरी हुई.

RSS: दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) का आधुनिक कार्यालय केशव कुंज बनकर तैयार हो चुका है. लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से बने इस कार्यालय का निर्माण आम लोगों से मिले चंदे से किया गया है. 75 हजार स्वयं सेवकों ने इसके निर्माण में सहयोग किया है. भाजपा का वैचारिक संगठन आरएसएस दिल्ली में काफी अरसे बाद पुराने कार्यालय से काम करना शुरू करेगा. लगभग 3.75 हेक्टेयर में बने मुख्यालय में 13 मंजिला तीन इमारत का निर्माण किया गया है, जिसमें 300 कमरे और ऑफिस बनाया गया है. दिल्ली के संघ का नया मुख्यालय आधुनिक तकनीक और परंपरागत भारतीय कला का संगम है.

इस इमारत का निर्माण पिछले 8 साल से चल रहा था, लेकिन कोरोना के कारण निर्माण में देरी हुई.  तीन टॉवर वाले इस 13 मंजिला इमारतों का नाम साधना, प्रेरणा और अर्चना के नाम पर रखा गया है. जबकि ऑडिटाेरियम का नाम विश्व हिंदू परिषद से जुड़े रहे अशोक सिंघल के नाम पर रखा गया है. आधुनिक तरीके से निर्मित ऑडिटोरियम में 450 से अधिक लोगों के बैठने की सुविधा है, जबकि एक अन्य ऑडिटोरियम का निर्माण किया गया है, जिसमें एक हजार लोग बैठ सकते हैं. 


आधुनिक सुविधा के साथ परंपरा पर दिया गया है फोकस


अत्याधुनिक संघ कार्यालय में सादगी को विशेष महत्व दिया गया है और इसके निर्माण में गुजरात और राजस्थानी कला के साथ अन्य कलाओं को तरजीह दी गयी है. कार्यालय में संघ के कार्यकर्ताओं को ठहरने की समुचित व्यवस्था के साथ लाइब्रेरी और जल संचयन की सुविधा उपलब्ध है. बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए सोलर पावर प्लांट, स्वास्थ्य केंद्र और सीवेज ट्रीटमेंट की भी सुविधा मौजूद है. संघ का यह कार्यालय वर्ष 1962 से काम कर रहा है, लेकिन पुनर्निर्माण के कारण वर्ष 2016 से संघ किराए के जगह से काम कर रहा था. नये केशव कुंज कार्यालय का उद्घाटन 19 फरवरी को शिवाजी जयंती पर सरसंघचालक मोहनराव भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले करेंगे. 

सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार्यालय का निर्माण किया गया है. पर्यावरण के मद्देनजर लकड़ी की खपत कम से कम करने के लिए दरवाजे और खिड़कियों के फ्रेम ग्रेनाइट पत्थर के बनाये गये हैं. पूरे कार्यालय में ऐसे लगभग एक हजार फ्रेम बनाये गये हैं. मुख्यालय के 8वें फ्लोर पर बनी लाइब्रेरी में लगभग 8 हजार से अधिक किताबें है, जिसमें भारत के संविधान के साथ साथ हिंदुत्व, बुद्धिज्म, जैनिज्म, इस्लाम सहित दुनिया के सभी धर्मों के बारे में सभी भाषाओं में लिखी पुस्तकें उपलब्ध होगी. 

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By Vinay Tiwari

Vinay Tiwari is a contributor at Prabhat Khabar.

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