महिला आरक्षण पर राजनीति गरम, किरेन रिजिजू ने कहा- परिसीमन के नाम पर अफवाह न फैलाएं

Women Reservation Bill : महिला आरक्षण लागू करने वाला बिल गुरुवार को लोकसभा में पेश होने वाला है. अगर ये पास हो जाता है, तो इसे आगे राज्यसभा भेजा जाएगा. वहीं, परिसीमन को लेकर पहले से ही माहौल गरम है. नीचे पढ़ें संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने क्या कहा.

Women Reservation Bill : महिला आरक्षण बिल पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है और ये कानून लंबे समय तक याद रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि इस बिल से लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण मिलेगा, जो एक बड़ा कदम है. रिजिजू ने भरोसा जताया कि सभी पार्टियां इसका समर्थन करेंगी ताकि सालों से लंबित यह बिल अब पास हो सके.

उन्होंने विपक्ष से अपील की कि परिसीमन के नाम पर अफवाहें न फैलाएं और महिला आरक्षण का विरोध न करें. खासतौर पर दक्षिण भारत के लोगों को गुमराह न करने की बात कही. रिजिजू ने कहा कि इस अच्छे मकसद को किसी और मुद्दे से जोड़कर कमजोर न किया जाए. कोई बहाना बनाकर इसे रोका न जाए, बल्कि मिलकर इसे पास कराया जाए.

रिजिजू ने एमके स्टालिन पर साधा निशाना

रिजिजू ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर निशाना साधते हुए कहा कि वो राजनीति कर रहे हैं और कुछ लोगों के बहकावे में हैं. उन्होंने कहा कि कोई भी महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन कुछ लोग बहाने बनाकर इसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं, जो ठीक नहीं है. रिजिजू ने कहा कि अगर किसी बहाने से महिला आरक्षण को रोका गया तो ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होगा. उन्होंने तमिलनाडु समेत सभी राज्यों से अपील की कि लोगों को गुमराह न करें और चिंता न करें. सरकार हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को बराबर मौका, सही प्रतिनिधित्व और अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है.

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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने परिसीमन बिल की कॉपी जलाकर इसका विरोध किया है. उनका आरोप है कि ये “काला कानून” तमिल लोगों को अपनी ही जमीन पर कमजोर कर देगा और उन्हें हाशिये पर धकेल देगा.

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By Amitabh Kumar

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