Republic Day 2024: सफल लोकतंत्र के लिए देश की संस्कृति को होता है बचाना, भारत इसका उदाहरण

Republic Day 2024: शुक्रवार को पूरे भारत में गणतंत्र दिवस का त्योहार मनाया जाएगा जिसकी तैयारी जोरों पर चल रही है. यदि आप सोच रहे हैं कि भारत को लोकतंत्र की जननी क्यों कहते हैं तो जानें इस सवाल का जवाब

Republic Day 2024 ; देश अपना 74वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है. यानी हमारा देश अब गणतंत्र के रूप में 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है. भारत न केवल विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, बल्कि लोकतंत्र की जननी भी है. भारत के लोकतंत्र पर देश के हर नागरिक को गर्व है. इस गौरव के क्षण पर प्रभात खबर डॉट कॉम ने डॉ रीना नंद (प्रोफेसर, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय) से बात की जिन्होंने भारत के खूबसूरत लोकतंत्र को बहुत ही अच्छी तरह डिफाइन किया है. आइए जानते हैं गणतंत्र दिवस पर खास बातें…

भारत ने ब्रिटेन के संसदीय प्रणाली को अपनाया

डॉ रीना नंद ने बताया कि भारत में ब्रिटेन के संसदीय प्रणाली को अपनाया है. हम इस प्रणाली से प्रभावित हुए और इसे अपनाया. उस वक्त के नेताओं और जानकारों ने दोनों ही पद्धति का अध्ययन किया और संसदीय प्रणाली को अपनाने पर सहमति जताई. आपको बता दें कि संसदीय प्रणाली के अलावा अध्यक्षात्मक प्रणाली होती है जैसा अमेरिका में देखा जाता है.

भारतीय लोकतंत्र अन्य देशों से अलग कैसे ?

हमारी संस्कृति अन्य देशों से अलग है. भारत वसुधैव कुटुंबकम के पथ पर चलने वाला देश हैं और जो देश अपनी संस्कृति को अपनाते हुए आगे बढ़ता है वो प्रगति के पथ पर हमेशा अग्रसर रहता है. भारत में ऐसी व्यवस्था है जिससे अंतिम पायदान में बैठे नागरिक पर भी सरकार का ध्यान रहता है. हमारे यहां पंचायती राज शासन इसी का परिणाम है. डॉ रीना नंद ने कहा कि यही वजह है कि हमारा लोकतंत्र आगे बढ़ रहा है वो भी पूरी सफलता के साथ. भारत में कई धर्म और संस्कृति के लोग रहते हैं वो भी सद्भाव से..इसकी वजह है भारतीय लोकतंत्र का मजबूत होना.

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डॉ रीना नंद ने कहा कि जो देश अपनी संस्कृति को बचाकर चलता है वो काफी आगे जाता है. हाल ही में एक वीडियो सामने आया था जो काफी वायरल हुआ था. यह वीडियो न्यूजीलैंड के संसद का था. दरअसल, न्यूजीलैंड की सबसे युवा सांसद हाना रहिती माइपे क्लार्क अपने वीडियो के कारण चर्चा में थीं. क्लार्क वहां की संसद में भाषण दे रही थी और अपने मुद्दों को उठातीं वीडियो में नजर आ रहीं थीं, लेकिन इसके लिए उन्होंने अनोखा अंदाज अपनाया था. उन्होंने अपने मुद्दे को संसद में माओरी संस्कृति का डांस ‘हाका’ परफॉर्म करते हुए उठाया था. यही वजह है कि हर देश को अपनी संस्कृति को बचाकर चलने की जरूरत है.

भारतीय लोकतंत्र में केंद्र मजबूत स्थिति में

भारत करीब दो सौ वर्षों तक गुलाम रहा. चंद्र अंग्रेजों ने करोड़ों भारतीयों को गुलाम बनाकर रखा. यही वजह है कि भारतीय लोकतंत्र में केंद्र को मजबूत बनाया गया है. केंद्र में 97 विषय को रखा गया है कानून बनाने के लिए जबकि राज्य के लिए 66 ही हैं. कोई भी विवाद होने पर केंद्र के पास पावर चला जाता है. 75 वर्षों के बाद भी हमारा लोकतंत्र सफल होने का यह बहुत बड़ा कारण है.

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Published by: Amitabh kumar

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