'2024 के चुनाव में क्षेत्रीय दलों का होगा बोलबाला, मोदी का नहीं चलेगा जादू', केसीआर ने कही ये बात

केसीआर ने चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे से बहुत अलग नहीं हैं. इन दलों के पक्ष में मतदान करने का मतलब वोट को बर्बाद करना है.

आदिलाबाद/निजामाबाद (तेलंगाना) : भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) प्रमुख और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने गुरुवार को कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में क्षेत्रीय दलों का बोलबाला होगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू अब नहीं चलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद क्षेत्रीय दलों के गठबंधन का केंद्र में सरकार बनेगी. तेलंगाना में 30 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है. इससे पहले, केसीआर ने एक चुनावी रैली में 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर भविष्यवाणी कर डाली. अपनी भविष्यवाणी में उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को बहुमत नहीं मिलेगा.

भाजपा-कांग्रेस अलग नहीं

केसीआर ने चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे से बहुत अलग नहीं हैं. इन दलों के पक्ष में मतदान करने का मतलब वोट को बर्बाद करना है. केसीआर ने दोनों पार्टियों की आलोचना करते हुए कहा कि सांप्रदायिक कट्टरता भड़काने वाली भाजपा को कचरे में फेंक देना चाहिए. यदि आप भाजपा को एक वोट भी देते हैं, तो वह वोट की बर्बादी है. यदि आप कांग्रेस को वोट देते हैं, तो वह भी वोट की बर्बादी है.

तेलंगाना को मेडिकल कॉलेज और नवोदय विद्यालय क्यों नहीं

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि किसी को उस पार्टी को वोट क्यों देना चाहिए, जिसने तेलंगाना को एक भी मेडिकल कॉलेज या नवोदय स्कूल नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि यदि आप भाजपा को वोट देते हैं, तो वह बर्बाद हो जाएगा. लोगों को इसके बारे में सोचना चाहिए. मैं लोगों से इस बारे में विचार करने का अनुरोध कर रहा हूं.

जिंदा रहने तक धर्मनिरपेक्ष रहेगा केसीआर

उन्होंने बीआरएस के धर्मनिरपेक्ष पहचान का उल्लेख करते हुए इस बात पर जोर दिया कि जब तक केसीआर जीवित हैं, यह धर्मनिरपेक्ष रहेगा. उन्होंने अल्पसंख्यकों की कथित चिंता करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि 2014 में राज्य बनने से पहले दस साल तक शासन करने वाली कांग्रेस पार्टी ने अल्पसंख्यकों के विकास पर केवल 2,000 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जबकि पिछले दशक में बीआरएस सरकार ने 12,000 करोड़ रुपये खर्च किए. राव ने उनसे बीआरएस उम्मीदवार को वोट देने का अनुरोध करते हुए आगामी चुनावों और 2024 के आम चुनावों में भी उनकी पार्टी के उम्मीदवार को वोट देने की अपील की.

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गठन के समय तेलंगाना में पानी-बिजली भी नहीं

केसीआर ने कहा कि जब तेलंगाना राज्य का गठन हुआ था, तो राज्य में स्थिति अराजक थी. पीने या सिंचाई के पानी की कोई उचित सुविधा नहीं थी और लोग अन्य स्थानों पर पलायन करते थे. उन्होंने कहा कि अब उनकी सरकार ने सब कुछ ठीक कर दिया है. केसीआर द्वारा राज्य की बीआरएस सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया, जिसमें सिंचाई नेटवर्क स्थापित करने से लेकर पीने के पानी की आपूर्ति, किसानों का वित्तीय समर्थन करना और उन्हें 24 घंटे बिजली आपूर्ति प्रदान करना, राज्य की प्रति व्यक्ति आय को 3.17 लाख रुपये तक बढ़ाना शामिल है.

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कांग्रेस ने बीआरएस को तोड़ने की कोशिश की थी

उन्होंने लोगों को कांग्रेस के अतीत के कार्यों की याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस ने तेलंगाना के गठन में 15 साल की देरी की थी और यहां तक कि बीआरएस (तब टीआरएस) पार्टी को विभाजित करने की भी कोशिश की थी. उन्होंने आगाह किया कि जबकि कांग्रेस छह चुनावी गारंटी को लागू करने का वादा कर रही है, उसके नेता किसानों को रायथु बंधु निवेश समर्थन को करदाताओं के पैसे का व्यर्थ खर्च मानते हैं और किसानों के लिए मुफ्त बिजली आपूर्ति को 24 घंटे से घटाकर तीन घंटे प्रतिदिन करने की योजना बना रहे हैं. केसीआर ने यह भी चेतावनी दी कि धरणी एकीकृत भूमि प्रबंधन पोर्टल को “बंद” करने की कांग्रेस की कथित योजना बिचौलियों के शासन के खतरे को वापस लाएगी.

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