गुजरात चुनाव 2022: अब बागियों ने बढ़ाई भाजपा की टेंशन ? नेताओं के इस्तीफे का सिलसिला शुरू

Gujarat Election 2022 : नाखुश हर्षद वसावा ने भाजपा में अपने पद से इस्तीफा दे दिया और शुक्रवार को नंदोड सीट के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. वसावा ने नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यहां असली भाजपा और नकली भाजपा है.

Gujarat Election 2022 : हिमाचल प्रदेश के बाद अब भाजपा की मुश्किल गुजरात में बढ़ती नजर आ रही है. दरअसल गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा द्वारा टिकट न दिये जाने से नाराज पार्टी के कम से कम एक मौजूदा विधायक और चार पूर्व विधायकों ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की धमकी दे डाली है. यहां चर्चा कर दें कि गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए एक और पांच दिसंबर को दो चरणों में मतदान होगा जबकि मतों की गिनती 8 दिसंबर को होगी.

भाजपा के कुछ असंतुष्ट नेताओं ने कहा है कि वे अपने समर्थकों से परामर्श करने के बाद अपना अगला कदम उठाएंगे, लेकिन भाजपा के पूर्व विधायक हर्षद वसावा ने शुक्रवार को नंदोड (अनुसूचित जनजाति आरक्षित) सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया. उल्लेखनीय है कि हर्षद वसावा भाजपा की गुजरात इकाई के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष हैं और उन्होंने 2002 से 2007 और 2007 से 2012 तक पूर्ववर्ती राजपीपला सीट का प्रतिनिधित्व किया था. नर्मदा जिले की नंदोड सीट पर वर्तमान में कांग्रेस का कब्जा है. इस सीट से भाजपा ने डॉ दर्शन देशमुख को उतारा है.

नाखुश हर्षद वसावा ने भाजपा से दिया इस्तीफा

इस घोषणा से नाखुश हर्षद वसावा ने भाजपा में अपने पद से इस्तीफा दे दिया और शुक्रवार को नंदोड सीट के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. वसावा ने नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यहां असली भाजपा और नकली भाजपा है. हम उन लोगों को बेनकाब करेंगे, जिन्होंने प्रतिबद्ध कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया है और नये लोगों को महत्वपूर्ण पद दे दिए. मैंने अपना इस्तीफा पार्टी को भेज दिया है. इस क्षेत्र के लोग जानते हैं कि मैंने 2002 से 2012 के बीच विधायक के रूप में कितना काम किया है.

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निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला

पड़ोसी वडोदरा जिले में एक मौजूदा और दो पूर्व भाजपा विधायक टिकट न दिये जाने के कारण पार्टी से नाराज हैं. वाघोडिया से छह बार के विधायक मधु श्रीवास्तव ने टिकट नहीं दिये जाने के बाद कहा कि अगर उनके समर्थक चाहते हैं तो वह निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ेंगे. भाजपा ने इस सीट से अश्विन पटेल को उतारा है. वडोदरा जिले की पादरा सीट से भाजपा के एक अन्य पूर्व विधायक दिनेश पटेल उर्फ दीनू मामा ने भी कहा है कि वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे. भाजपा ने इस सीट से चैतन्यसिंह जाला को टिकट दिया है. इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा है. करजन में भाजपा के पूर्व विधायक सतीश पटेल मौजूदा विधायक अक्षय पटेल को टिकट देने के निर्णय से नाखुश हैं. स्थिति को संभालने के लिए भाजपा की राज्य इकाई के महासचिव भार्गव भट्ट और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने शनिवार को वडोदरा का दौरा किया और स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की.

भाजपा वडोदरा की सभी सीट जीतेगी

भट्ट ने विश्वास जताया कि भाजपा वडोदरा की सभी सीट पर जीत हासिल करेगी. इस बीच, जूनागढ़ की केशोद सीट से भाजपा के पूर्व विधायक अरविंद लडानी ने शनिवार को घोषणा की कि पार्टी द्वारा मौजूदा विधायक देवभाई मालम को टिकट दिए जाने के कारण वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे. भाजपा ने अब तक कुल 182 विधानसभा क्षेत्रों में से 166 क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित किये हैं.

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