India Got Latent Controversy: यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया को SC से बड़ी राहत, पासपोर्ट लौटाने का दिया आदेश

India Got Latent Controversy: यूट्यूबर और पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने महाराष्ट्र साइबर क्राइम ब्यूरो से इलाहाबादिया के पासपोर्ट को लौटाने का आदेश दिया है. कोर्ट के आदेश के बाद इलाहाबादिया विदेश यात्रा पर जा सकते हैं. इधर महाराष्ट्र और असम ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इलाहाबादिया के संबंध में दर्ज एफआईआर की जांच पूरी हो चुकी है.

India Got Latent Controversy: सुप्रीम कोर्ट ने पॉडकास्टर और यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया को उनका पासपोर्ट वापस लौटाए जाने की अनुमति दे दी है. जिससे उनके विदेश यात्रा पर भी रोक हट गया है. असम और महाराष्ट्र सरकारों ने कहा कि इलाहाबादिया के खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है जिसके बाद न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने शर्त में ढील दी.

India Got Latent Controversy: पासपोर्ट के लिए महाराष्ट्र साइबर पुलिस ब्यूरो से करना होगा संपर्क

सुप्रीम कोर्ट कह पीठ ने इलाहाबादिया से कहा कि वह अपना पासपोर्ट वापस पाने के लिए महाराष्ट्र साइबर पुलिस ब्यूरो से संपर्क करें. कोर्ट ने ‘बीयरबाइसेप्स’ के नाम से मशहूर इलाहाबादिया की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिनव चंद्रचूड़ से कहा कि वह उनके मुवक्किल के खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों को एक साथ जोड़ने और उन्हें एक स्थान पर लाने के उनके अनुरोध पर अगली सुनवाई के दौरान विचार करेगी.

इलाहाबादिया को कोर्ट ने गिरफ्तारी से पहले ही दे दिया है संरक्षण

सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूब पर प्रसारित कार्यक्रम के दौरान आपत्तिजनक टिप्पणियां करने संबंधी मामले में इलाहाबादिया को गिरफ्तारी से 18 फरवरी को संरक्षण दिया था और उन्हें ठाणे के नोडल साइबर पुलिस थाने के जांच अधिकारी के पास अपना पासपोर्ट जमा कराने का निर्देश दिया था. इससे पहले कोर्ट ने 3 मार्च को ‘द रणवीर शो’ को प्रसारित करने की अनुमति दे दी थी. हालांकि उस समय कोर्ट ने कहा था कि वो अपने शो में नैतिकता और शालीनता को बनाए रखेंगे, इसी शर्त पर उन्हें अनुमति दी जाती है.

क्या है मामला?

कॉमेडियन समय रैना के यूट्यूब शो ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ में माता-पिता और यौन संबंधों पर की गई टिप्पणी के लिए इलाहाबादिया पर कई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. इलाहाबादिया और रैना के अलावा असम में दर्ज मामले में नामजद अन्य लोगों में कॉमेडियन आशीष चंचलानी, जसप्रीत सिंह और अपूर्वा मखीजा शामिल हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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