Rajkot Fire : क्या इस वजह से लगी आग? राजकोट के ‘गेम जोन’ में आग ने मचाया कोहराम, 27 की मौत

Rajkot Fire : गुजरात के राजकोट शहर से शनिवार को एक बड़ी खबर आई. यहां के एक ‘गेम जोन’ में भीषण आग लग गई जिससे 27 लोगों की मौत हो गई. आग की वजह आई सामने

Rajkot Fire : गुजरात के राजकोट शहर में शनिवार शाम एक ‘गेम जोन’ में भीषण आग लग गई जिससे चार बच्चों समेत कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई. अभी भी आशंका व्यक्त की जा रही है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. पुलिस की ओर से जानकारी दी गई है कि ‘गेम जोन’ के मालिक और प्रबंधक को हिरासत में लिया गया. उन्हें पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया है. वहीं गुजरात सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया है. वहीं, इस अग्निकांड पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित सभी राजनीतिक हस्तियों ने दुख व्यक्त किया है.

गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने क्या कहा

इस अग्निकांड पर गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने कहा कि राजकोट में बहुत दुखद घटना हुई, कई परिवार के सदस्यों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है जबकि घटना में कई बच्चों की भी जान गई है. एसआईटी को जांच शुरू करने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि सभी प्रकार की जांच आज ही शुरू हो जाएगी और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी. हमारी पहली प्राथमिकता यह है कि हमारे पास जानकारी उपलब्ध है, एक व्यक्ति अभी भी लापता है और उसे ढूंढना हमारी जिम्मेदारी है.

राजकोट अग्निकांड पर एसआईटी प्रमुख सुभाष त्रिवेदी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है…इसकी जांच के लिए एसआईटी टीम का गठन किया जा चुका है. किस विभाग ने क्या-क्या किया, इसकी पूरी जांच की जाएगी. इसके लिए कौन जिम्मेदार है और क्या-क्या गलतियां हुई हैं, इसकी जांच की जाएगा. उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए क्या किया जाना चाहिए, इन सभी बातों का ध्यान रखते हुए जांच को आगे बढ़ाया जाएगा.

मृतकों में 12 साल से कम उम्र के कम से कम चार बच्चे

अधिकारियों की ओर से जो जानकारी दी गई है उसके अनुसार, गेमिंग के लिए बनाए गए फाइबर के एक ढांचे में शाम करीब साढ़े चार बजे आग लग गई, जिसके बाद प्रभावित टीआरपी गेम जोन में राहत एवं बचाव अभियान जारी है. सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) राधिका भराई ने बताया कि आग की घटना में 27 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. शव पूरी तरह से जल गए हैं. शवों की पहचान करना मुश्किल है. एसीपी विनायक पटेल ने कहा कि मृतकों में 12 साल से कम उम्र के कम से कम चार बच्चे शामिल हैं.

प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या कहा

प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो, नाना-मावा रोड स्थित गेम जोन में यह हादसा उस समय हुआ जब बच्चों सहित कई लोग गेम का आनंद ले रहे थे. राजकोट के जिलाधिकारी प्रभाव जोशी ने बताया कि गेम जोन में आग लगने की सूचना अग्नि नियंत्रण कक्ष को शाम करीब 4:30 बजे मिली. आग बुझाने के लिए दमकल गाड़ियां और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और मलबा हटाने में जुट गईं.

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क्या इस वजह से आग तेजी से फैली

इस बीच खबर है कि गुजरात सरकार ने मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टीआरपी गेम जोन में डीजल जनरेटर के लिए, गो कार रेसिंग के लिए पेट्रोल एकत्रित करके रखा गया था. यही वजह रही कि आग इतनी फैली और पूरा स्ट्रक्चर जल कर राख में तब्दील हो गया. यही नहीं, गेम जोन से बाहर निकलने और इंट्री के लिए 6 से 7 फीट का एक ही रास्ता था. बताया जा रहा है कि शनिवार को एंट्री के लिए 99 रुपये की स्कीम थी जिसकी वज़ह से भीड़ कुछ ज्यादा थी.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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