Rajasthan: 'राहुल गांधी जी बोलते हैं, मेरा माइक बंद कर दिया', जानें बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने क्या कहा

Rajasthan Politics : बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट को 'निकम्मा', 'नकारा' और 'गद्दार' कहने के लिए गहलोत पर निशाना साधा और कहा कि पायलट के पिता राजेश पायलट ने कांग्रेस के लिए बरसों से काम किया. जानें राहुल गांधी को लेीकर क्या कहा

Rajasthan Politics : बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने राजस्थान में राजनीतिक गरमी बढ़ा दी है. अब उन्होंने कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को लेकर बयान दिया है. मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए गुढ़ा ने कहा कि राहुल गांधी जी बोलते हैं, ‘मेरा माइक बंद कर दिया’, ‘मुझे लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया’. राहुल जी, आपका तो माइक बंद किया लेकिन मुझे तो बैठने के लिए तक सीट नहीं दी. मुझे मंत्री पद से बर्खास्त कर यह तक नहीं बताया कि मुझे बैठना कहां है.

विधानसभा में कथित ‘लाल डायरी’ लहराने के एक दिन बाद, राजस्थान के बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने मंगलवार को राज्य के सभी मंत्रियों का ‘नार्को टेस्ट’ कराने की मांग कर डाली है. गुढ़ा ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कई बातों का जिक्र किया. उन्होंने अशोक गहलोत एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच कथित झगड़े में पायलट का पक्ष लिया.

सचिन पायलट का गुढ़ा दे रहे साथ

बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट को ‘निकम्मा’, ‘नकारा’ और ‘गद्दार’ कहने के लिए गहलोत पर निशाना साधा और कहा कि पायलट के पिता राजेश पायलट ने कांग्रेस के लिए बरसों से काम किया. 20 साल से सचिन पायलट भी पार्टी के लिए काम कर रहे हैं. कांग्रेस विधायक ने 2018 में पार्टी के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि जो (पायलट) पार्टी को 21 सीटों से 99 सीटों पर ले आया, वह ‘निकम्मा’ तो नहीं हो सकता. गुढ़ा ने एक तरह से गहलोत पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति 200 में से 21 अंक (सीटें) लेकर आए क्या उस व्यक्ति को कर्मठ बोलेंगे.

‘लाल डायरी’ को लेकर हंगामा

आपको बता दें कि गुढ़ा ने सोमवार को विधानसभा में ‘लाल डायरी’ को लेकर हंगामा किया और उसके बाद ‘धक्का-मुक्की व असहज’ दृश्यों के बाद उन्हें विधानसभा से निलंबित कर दिया गया था. इससे पहले महिलाओं के खिलाफ अपराध के मुद्दे पर विधानसभा में अपनी ही पार्टी की सरकार को घेरने के कुछ घंटों बाद, शुक्रवार की शाम को उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया था. इसके बाद से गुढा प्रदेश के मुख्यमंत्री गहलोत पर लगातार निशाना साध रहे हैं. गुढ़ा के पास सैनिक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार), होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा, पंचायती राज और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री का कार्यभार था.

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नार्को टेस्ट एक वैज्ञानिक और विश्वसनीय टेस्ट

पूर्व मंत्री ने मंगलवार को यह भी दावा किया कि वह इस डायरी को विधानसभा के पटल पर रखना चाहते थे. उन्होंने कहा कि नार्को टेस्ट एक वैज्ञानिक और विश्वसनीय टेस्ट है. दुनिया भर की एजेंसियां इसे सही मानती हैं. यहां तक कि न्यायपालिका भी इसे स्वीकार करती है. मैं कह रहा हूं कि मंत्रिपरिषद सदस्यों का नार्को टेस्ट करवा लिया जाए, मेरा भी करवा लिया जाए तो ये दुष्कर्म एवं भ्रष्टाचार की बाते हैं… कौन झूठ बोल रहा है, कौन सच बोल रहा है, सब कुछ सामने आ जाएगा.

सारा सिस्टम आल इन वन है

यह पूछे जाने पर कि क्या डायरी में सिर्फ एक मंत्री या कई मंत्रियों का जिक्र है, गुढ़ा ने कहा कि यहां कांग्रेस की सरकार नहीं है, गहलोत की सरकार है. वह गृह मंत्री, वित्त मंत्री और मुख्यमंत्री हैं. साथ ही, पीसीसी प्रमुख और राज्य कांग्रेस प्रभारी उनकी जेब में हैं. सारा सिस्टम आल इन वन है. एक आदमी ही सिस्टम है, उसको उस डायरी से बहुत खतरा था. पूर्व मंत्री ने कहा कि ये मेरे पर आरोप लगा रहे हैं कि मैं भाजपा से मिला हुआ हूं 2018 में बहुमत नहीं था, गहलोत जी के पास छह विधायक मैंने दिये तब वह सरकार बना पाए अल्पमत में थे वे.

अगले 5-7 दिनों में बड़ी रैली

राजस्थान के पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने कहा है कि अगले 5-7 दिनों में हम एक बड़ी रैली करेंगे, जिसमें लगभग 50,000 लोग आएंगे, रैली के बाद हम तय करेंगे कि क्या करना है. मैं लोगों के बीच जाऊंगा और महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाऊंगा. पूरे मंत्रिपरिषद का नार्को टेस्ट होना चाहिए. आरोपी सरकार में बैठे हैं और उनकी वजह से राजस्थान महिलाओं के खिलाफ बलात्कार और अत्याचार में नंबर वन बन गया है. मुझे विधानसभा में बोलने के अधिकार, राजस्थान में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार और अन्य अत्याचार का विरोध करने पर बर्खास्त किया गया.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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