Pilot vs Gehlot: सचिन पायलट पर होगी कार्रवाई ? खरगे से मिले रंधावा, अनशन से राजस्थान की राजनीति में भूचाल

राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के अनशन के एक दिन बाद बुधवार को कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर रंधावा ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान रंधावा ने पायलट के अनशन ���े संदर्भ में चर्चा की.

सचिन पायलट के एकदिवसीय अनशन से राजस्थान कांग्रेस में एक बार फिर से घमासान शुरू हो चुकी है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पायलट के बीच फिर से विवाद गहराता नजर आ रहा है. इधर अनशन से नाराज कांग्रेस पार्टी के आलाधिकारी सचिन पायलट के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में हैं. इस पूरे प्रकरण को लेकर सुखजिंदर सिंह रंधावा अध्यक्ष मल्लिकार्जून खरगे से मुलाकात कर घंटों चर्चा भी की है.

रिपोर्ट के आधार पर होगी सचिन पायलट के खिलाफ कार्रवाई: रंधावा

राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के अनशन के एक दिन बाद बुधवार को कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर रंधावा ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान रंधावा ने पायलट के अनशन के संदर्भ में चर्चा की. वह करीब आधे घंटे तक खरगे के आवास पर रहे. खबर है रंधावा रिपोर्ट तैयार करेंगे कि गलती किसकी है और फिर उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

सचिन पायलट का तरीका गलत: रंधावा

रंधावा ने कहा, सचिन पायलट ने जो भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया है, मैं उससे सहमत हूं, लेकिन उनका तरीका गलत है. उन्हें इसे विधानसभा सत्र के दौरान उठाना चाहिए था. उन्होंने कहा, मैं सभी चीजों का विश्लेषण करूंगा और एक रिपोर्ट तैयार करूंगा कि गलती किसकी है. उन्होंने जो प्रेस कॉन्फ्रेंस की, मुझे नहीं लगा कि यह पार्टी समर्थक था.

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भ्रष्टाचार के खिलाफ सचिन पायलट ने किया एक दिवसीय अनशन

गौरतलब है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने मंगलवार को राजस्थान में वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्ववर्ती सरकार में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई की मांग को लेकर जयपुर में एकदिवसीय अनशन किया था. हालांकि पार्टी ने उनसे अनशन पर बैठने से मना किया था, कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने पायलट को चेतावनी देते हुए कहा था कि इस तरह के कदम को पार्टी विरोधी माना जाएगा.

पायलट ने अपनी ही सरकार पर लगाया गंभीर आरोप

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा था कि उन्होंने पिछले साल इस मुद्दे पर गहलोत को दो पत्र लिखे थे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. पायलट ने कहा था, हमने लोगों को आश्वासन दिया था कि भाजपा नीत पूर्ववर्ती सरकार में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। मैं चाहता था कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार कार्रवाई करे, लेकिन चार वर्षों में ऐसा नहीं हुआ.

2018 से जारी है गहलोत और पायलट के बीच तकरार

गौरतलब है कि सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच विवाद 5 साल पुराना है. 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के जीत हासिल करने के बाद गहलोत और पायलट, दोनों ही मुख्यमंत्री पद पर काबिज होने के इच्छुक थे. लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने गहलोत को तीसरी बार शीर्ष पद के लिए चुना. जुलाई 2020 में पायलट और कांग्रेस विधायकों के एक वर्ग ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की मांग करते हुए गहलोत के खिलाफ खुले तौर पर विद्रोह कर दिया था. इसके बाद पायलट को उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया था. कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व से आश्वासन मिलने के बाद महीने भर जारी रहा यह संकट समाप्त हो गया था. गहलोत ने बाद में पायलट के लिए ‘गद्दार’, ‘नकारा’ और ‘निकम्मा’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था और उन पर कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार को गिराने की साजिश में भाजपा नेताओं के साथ शामिल होने का आरोप लगाया था.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

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अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

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खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

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