राजस्थान: गैंगस्टर राजू ठेहट हत्या मामले का मूसेवाला मर्डर केस से कनेक्शन, लॉरेंस बिश्नोई पर संदेह

गैंगस्टर राजू ठेहट हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के एक सदस्य ने ली है. घटना के तुरंत बाद खुद को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य बताने वाले रोहित गोदारा ने ठेहट की हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए फेसबुक पर लिखा कि यह आनंदपाल सिंह और बलबीर बानूड़ा का बदला है.

राजस्थान के कुख्यात गैंगस्टर राजू ठेहट की शनिवार को सीकर में चार लोगों ने गोली मार कर हत्या कर दी. अब इस मामले में सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस से सीधा कनेक्शन जोड़ा जा रहा है. मूसे वाला मर्डर केस के आरोपी लॉरेंस बिश्नोई पर पुलिस ने संदेह जताया है.

लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के एक सदस्य ने गैंगस्टर राजू ठेहट हत्या की ली जिम्मेदारी

गैंगस्टर राजू ठेहट हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के एक सदस्य ने ली है. घटना के तुरंत बाद खुद को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य बताने वाले रोहित गोदारा ने ठेहट की हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए फेसबुक पर लिखा कि यह आनंदपाल सिंह और बलबीर बानूड़ा का बदला है. आनंदपाल गिरोह के सदस्य बलबीर की जुलाई 2014 में बीकानेर जेल में एक ‘गैंगवॉर’ में मौत हो गई थी.

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क्या है मामला

सीकर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया, राजू ठेहट की शनिवार को उसके घर के मुख्य दरवाजे पर ही कथित रूप से चार लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी. ठेहट जून 2017 में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए गैंगस्टर आनंदपाल सिंह का प्रतिद्वंद्वी था. पुलिस अधिकारी के अनुसार, घटना सुबह करीब सवा 10 बजे सीकर की पिपराली रोड की है जहां अज्ञात हमलावरों ने ठेहट पर गोलियां चलाईं. ठेहट के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर था. पुलिस ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है. हरियाणा से लगती सीमा और झुंझुनू जिले की सीमा को सील कर दिया गया है.

लॉरेंस बिश्नोई की एनआईए रिमांड चार दिन के लिए बढ़ाई गयी

दिल्ली की एक अदालत ने सिद्धू मूसेवाला हत्या मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की एनआईए रिमांड चार दिन बढ़ा दी है. बिश्नोई को 10 दिन की रिमांड पूरी होने पर आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कोर्ट में पेश किया गया था. एनआईए ने कोर्ट से रिमांड मांगते हुए कहा, पड़ोसी राज्य में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग हो रही है. जिसमें बिश्नोई की संलिप्तता का संदेश है.

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By Arbindkumar mishra

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करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

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