राजस्थान: भ्रष्टाचार पर अशोक गहलोत का वार, आधी रात जारी किया ये आदेश

बताया जा रहा है कि मेयर के पति को मेयर के ही आवास पर रिश्वत लेते हुए दबोचा गया था. उस दौरान मेयर भी वहीं मौजूद थीं और आवास से ​ नकद बरामद किये गये थे. जानें पूरा मामला

राजस्थान के एक खबर की चर्चा जोरों पर हो रही है. दरअसल, पति का रिश्वत लेना जयपुर की मेयर मुनेश गुर्जर को भारी पड़ गया है. रिश्वत की खबर जैसे ही प्रदेश के सीएम अशोक गहलोत के कानों तक पहुंची वे एक्शन में आ गये. उन्होंने मेयर को ही बर्खास्त कर दिया. मेयर के पति के रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद अशोक गहलोत सरकार ने चंद घंटे में कार्रवाई की जिस वजह से यह मामला चर्चा का केंद्र बन गया है.

मामले पर राजस्थान के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि यदि भ्रष्टाचार को रोकना है तो जनता को जागना होगा…हमें कहीं से शुरुआत करनी होगी. मुझे लगता है कि हम भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस में हैं…मुझे लगता है कि सीएम अशोक गहलोत को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. अगर किसी मेयर के घर पर कोई लेन-देन हो रहा है तो सभी जिम्मेदार हैं.

दो लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार

आपको बता दें कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के एक दल ने शुक्रवार को जयपुर हेरिटेज नगर निगम की मेयर मुनेश गुर्जर के पति सुशील गुर्जर और दो अन्य को दो लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है. ब्यूरो के अतिरिक्त महानिदेशक हेमंत प्रियदर्शी ने एक बयान में बताया कि परिवादी को पट्टा जारी करने के एवज में मेयर के पति सुशील गुर्जर द्वारा दो दलालों-नारायण सिंह व अनिल दुबे के माध्यम से दो लाख रुपये की रिश्वत राशि मांगकर परेशान किया जा रहा था. नगर निगम जयपुर हैरिटेज में कांग्रेस का बोर्ड है.

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मामले को लेकर अधिकारी ने बताया कि शिकायत के सत्यापन के बाद जाल बिछाया गया और तीनों को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया. उन्होंने कहा कि एसीबी की टीम को गुर्जर के घर की तलाशी के दौरान 40 लाख रुपये से ज्यादा की नकदी बरामद मिली और साथ ही घर से पट्टे की फाइल भी बरामद हुई. ब्यूरो के अतिरिक्त महानिदेशक हेमंत प्रियदर्शी ने कहा कि इसी तरह दलाल नारायण सिंह के घर से आठ लाख रुपये बरामद किये गये.

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तत्कालीन आयुक्त पर भ्रष्टाचार का आरोप

गौरतलब है कि मुनेश गुर्जर और कुछ अन्य कांग्रेसी पार्षदों ने जून में निगम के तत्कालीन आयुक्त पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था. उन्होंने अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर निगम मुख्यालय में धरना दिया था. कुछ दिन बाद, गलत तरीके से बंधक बनाने और उन्हें कर्तव्य निभाने से रोकने का आरोप लगाते हुए अधिकारी ने मुनेश गुर्जर और अन्य पार्षदों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी.

गहलोत सरकार ने आधी रात आदेश किया जारी

मामले को लेकर राजस्थान सरकार ने सख्त कार्रवाई की और देर रात एक आदेश जारी किया. इस आदेश में जयपुर हेरिटेज नगर निगम की मेयर मुनेश गुर्जर को निलंबित करने की बात कही. मेयर के पति सुशील गुर्जर को बीते दिन ही राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने भूमि पट्टा जारी करने के बदले कथित तौर पर 2 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था. मेयर को नगर निकाय सीट – वार्ड संख्या 43 से भी निलंबित करने का काम किया गया.

इस साल राजस्थान में विधानसभा चुनाव

आपको बता दें कि इस साल के अंत में राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इससे पहले प्रदेश की सरकार भ्रष्टाचार को लेकर सख्त है. भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पिछले दिनों प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट मुखर नजर आये थे. सीएम वसुंधरा राजे के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार को लेकर वे जांच की मांग कर रहे थे. इसको लेकर उन्होंने एक दिन का अनशन भी किया था.

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उस वक्त सचिन पायलट ने कहा था कि भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर मैने सीएम गहलोत को लिखा था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. चुनाव में हम जनता के बीच जाएंगे तो हमें सवालों का जवाब देना होगा. भ्रष्टाचार को लेकर ही पिछली बार हमने तत्कालिन सरकार को घेरा था जिसके बाद कांग्रेस की सरकार बनी थी.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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