राजस्थान में 2000 यूनिट बिजली फ्री, 1000 रुपये की पेंशन, महंगाई राहत शिविर में बोले गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महंगाई राहत शिविरों का उद्घाटन करने बाद कहा, इसका उद्देश्य लोगों को बढ़ती कीमतों से राहत दिलाना है. उन्होंने कहा, इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को उनके अधिकारों, योजनाओं और उनकी पात्रता के बारे में पूरी जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाना है.

महंगाई के खिलाफ जंग के लिए राजस्थान सरकार ने एक राहत शिविर की शुरुआत की है. इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 24 अप्रैल को किया. जबकि इसका समापन 20 जून को होना है. इस दौरान उन्होंने सरकार की उपलब्धियों को गिनाया. जिसमें उन्होंने बताया कि राजस्थान में किसानों को सरकार 2000 यूनिट बिजली फ्री में दे रही है. जबकि न्यूनतम पेंशन 1000 रुपये कर दी गयी है.

महंगाई राहत शिविर का उद्देश्य लोगों को बढ़ती कीमतों से राहत दिलाना

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महंगाई राहत शिविरों का उद्घाटन करने बाद कहा, इसका उद्देश्य लोगों को बढ़ती कीमतों से राहत दिलाना है. उन्होंने कहा, इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को उनके अधिकारों, योजनाओं और उनकी पात्रता के बारे में पूरी जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाना है. सीएम गहलोत ने कहा, आम जनता एवं वंचित वर्ग को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें महंगाई से राहत प्रदान की जायेगी.

आम लोगों को 10 जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा : गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, शिविरों में आम लोगों को 10 जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा, जिससे बढ़ती महंगाई से उन्हें राहत मिलेगी. राज्य सरकार द्वारा संचालित 10 जनकल्याणकारी योजनाओं में शामिल होने के लिए शिविरों में पंजीयन अनिवार्य किया गया है. उन्होंने कहा कि आम लोगों की सुविधा के लिए किसी भी जिले का व्यक्ति राजस्थान सरकार के जनआधार कार्ड के माध्यम से अन्य जिलों के शिविरों में भी पंजीकरण करा सकता है.

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2000 स्थायी महंगाई राहत शिविर स्थापित

गहलोत ने कहा, प्रदेश में जिला प्रशासन द्वारा सरकारी कार्यालयों एवं सार्वजनिक स्थानों पर 2000 स्थायी महंगाई राहत शिविर स्थापित किये जायेंगे. कैलेंडर के अनुसार 11,283 ग्राम पंचायतों और 7,500 वार्डों में दो दिवसीय महंगाई राहत शिविर का आयोजन किया जाएगा.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

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