कोल्लम : कांग्रेस नेता और केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी बुधवार को कोल्लम के थांगस्सेरी समुद्र तट पहुंचे और मछुआरो से बात की. उन्होंने कहा कि जैसे किसान जमीन पर खेती करते हैं, वैसे ही आप समुद्र में खेती करते हैं. किसानों के पास दिल्ली में एक मंत्रालय है, आपके लिए नहीं. पहली बात है कि मैं भारत के मछुआरों को समर्पित एक मंत्रालय रखूंगा, ताकि आपके मुद्दों का बचाव और संरक्षण हो सके.
उन्होंने कहा कि मैं आपकी सभी समस्याओं को तो हल करने में सक्षम नहीं हूं, लेकिन मैं निश्चित रूप से आपके साथ खड़ा हो सकता हूं. उनमें से कई समस्याओं को हल करने के लिए आपके साथ काम कर सकता हूं.
राहुल गांधी ने कहा कि वर्तमान में हम यूडीएफ घोषणापत्र बनाने की प्रक्रिया में हैं. हम विभिन्न समूहों, समुदायों के साथ परामर्श कर रहे हैं कि वे घोषणा पत्र में क्या चाहते हैं. हमारी बैठकों में मंगलवार को मैंने कहा था कि हमारे पास एक समर्पित मछुआरों का घोषणापत्र होना चाहिए.
साथ ही कहा कि मैं केरल के मछुआरों, कांग्रेस पार्टी और यूडीएफ से चाहता हूं कि अगले 2-3 हफ्तों में एक बातचीत हो, ताकि यह तय हो सके कि मछुआरे यूडीएफ घोषणापत्र में क्या चाहते हैं. यदि आप पांच फीसदी कर वापसी चाहते हैं, तो इसे हमारे घोषणापत्र में डालें और यह किया जायेगा.
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत घट रही है. लेकिन, भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं. आपके जेब से ये पैसा लिया जा रहा है और भारत के 2-3 बिजनेसमैन को दिया जा रहा है. मैं सुनिश्चित करना चाहूंगा कि इस पैसे का ज्यादा हिस्सा आपकी जेब में आये.
उन्होंने कहा कि शिक्षा हमारे समुदाय के बच्चों के भविष्य का केंद्र है और इसके लिए हमें पैसे की आवश्यकता है. पिछले लोकसभा चुनावों में हमारे पास न्यूनतम आय योजना थी. इसके तहत हम सभी गरीब व्यक्ति को उनके बैंक खातों में 72 हजार रुपये प्रति वर्ष सुनिश्चित करते.
केरल के थांगस्सेरी समुद्र तट पर मछुआरों से बातचीत करने के दौरान राहुल गांधी के साथ कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला और मुल्लापल्ली रामचंद्रन भी मौजूद रहे.
