Rahul Gandhi Speech: ‘राहुल गांधी ने संवैधानिक पद का किया अपमान’, बीजेपी ने हिंदू पर दिए बयान के लिए माफी की मांग की

Rahul Gandhi Speech: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जोरदार भाषण दिया. उन्होंने बीजेपी और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. लेकिन उनके बयान पर संसद में भारी हंगामा भी हुआ और अमित शाह ने बयानों की जांच की मांग भी कर दी.

Rahul Gandhi Speech: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के संसद में दिए गए भाषण को लेकर बीजेपी ने सोमवार को शाम में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. जिसमें केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, नेता विपक्ष का पद बहुत जिम्मेदारी वाला पद होता है. राहुल जी ने पहली बार कोई जिम्मेदारी संभाली है, लेकिन पहली बार जिम्मेदारी संभालने के बावजूद आज उन्होंने बहुत ही गैरजिम्मेदाराना बयान दिया है. उन्होंने कहा कि शहीदों को कोई मुआवजा नहीं दिया जाता, इससे बड़ा झूठ और कोई नहीं हो सकता. आज जब वह अपना भाषण दे रहे थे तो रक्षा मंत्री ने सदन में ही स्पष्ट कर दिया कि शहीदों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलता है. उन्हें अपने तथ्य देखने चाहिए. ऐसा नहीं है कि कांग्रेस ने पहली बार सेना पर सवाल उठाए हैं, कांग्रेस ने हमेशा सेना पर ऐसे सवाल उठाए हैं और देश को गुमराह करने की कोशिश की है.

राहुल गांधी ने पूरे हिंदू समाज को हिंसक और असत्यवादी कहा

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, आज राहुल गांधी ने पूरे हिंदू समाज को हिंसक और असत्यवादी कहा है. उन्होंने हिंदू समाज का अपमान किया है और यह पहली बार नहीं है, यह कांग्रेस का पुराना तरीका है. 2010 में तत्कालीन गृह मंत्री पी चिदंबरम ने हिंदुओं को आतंकवादी कहा था. राहुल गांधी ने आज विपक्ष के नेता के पद की गरिमा को गिराया है. राहुल गांधी के इस बयान से पूरा देश दुखी है और इस बयान की जितनी भी निंदा की जाए कम है. हिंदुओं को हिंसक कहना, हिंदुओं को झूठा कहना, संसदीय बहस के दौरान भगवान की तस्वीरें लगाना, उसमें राजनीति जोड़ना, इस स्तर की बहस विपक्ष के नेता को किसी भी तरह से शोभा नहीं देती.

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राहुल गांधी पर सुधांशु त्रिवेदी ने भी हमला बोला

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के संसद में दिए गए भाषण पर बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, 20 जनवरी 2013 को तत्कालीन गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे, जो उस समय लोकसभा में सदन के नेता भी थे, ने जयपुर में कहा था कि भाजपा और आरएसएस द्वारा हिंसक गतिविधियां और प्रशिक्षण शिविर चलाए जा रहे हैं और जब उनसे सदन में सवाल पूछा गया तो उन्होंने खेद जताया. तो राहुल गांधी जी, जब आप सत्ता में थे तो क्या आपके गृह मंत्री सही थे या जब आप विपक्ष में हैं तो आप सही हैं? मुझे लगता है कि सुशील शिंदे से सीख लेते हुए कम से कम राहुल गांधी को इस पर खेद व्यक्त करना चाहिए. आज आप न केवल हिंदू समाज का अपमान कर रहे हैं बल्कि अपनी सरकार को भी झूठा साबित कर रहे हैं.

किरेन रिजिजू ने स्पीकर से राहुल गांधी के बयानों की जांच करने की मांग की

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के संसद में दिए गए भाषण पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, हमने स्पीकर से यह निर्देश देने का अनुरोध किया है कि अगर हमने कोई असत्यापित बयान दिया है तो हम सुधारात्मक कदम उठाने के लिए तैयार हैं. लेकिन अगर विपक्ष के नेता ने सदन में झूठ बोला है तो उन्हें सदन के नियमों और विनियमों का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने (स्पीकर ने) सदन में पहले ही आश्वासन दिया है कि वे इस संबंध में आवश्यक और उचित निर्देश देंगे.

राहुल गांधी ने अग्निवीर को यूज एंड थ्रो मजदूर बताया

राहुल गांधी ने लोकसभा में भाषण देते हुए अग्निवीर योजना पर निशाना साधा. उन्होंने लोकसभा में भाषण देते हुए अग्निवीर को यूज एंड थ्रो बताया. राहुल गांधी ने कहा, अग्निवीर योजना ने सैनिकों में भेद पैदा कर दिया गया और ‘अग्निवीरों’ की मृत्यु पर उन्हें शहीद का दर्जा और एक आम सैनिक की तरह उनके परिवारों को पेंशन और सहायता राशि नहीं मिलती. राहुल गांधी ने अग्निवीर को ‘यूज एंड थ्रो मजदूर’ बताया. राहुल के आरोपों पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आपत्ति जताई और कहा कि नेता विपक्ष सदन में गलतबयानी कर रहे हैं, जबकि सच यह है कि जान गंवाने वाले अग्निवीर के परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि का प्रावधान है.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

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