राहुल गांधी सुबह-सुबह पहुंचे खेत, ट्रैक्टर से जुताई की, किसानों के साथ धान रोपा, देखें वीडियो

राहुल गांधी दिल्ली से शिमला जा रहे थे. इस बीच वे सोनीपत के बरोदा और मदीना में आज सुबह धान लगाते नजर आये. किसानों और मजदूरों के साथ कांग्रेस नेता खेत में दिखे.

गुजरात हाई कोर्ट से झटका लगने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार को हरियाणा के सोनीपत पहुंचे. यहां उन्होंने कुछ ऐसा किया जिसकी तस्वीर वायरल हो रही है. वायरल तस्वीर में राहुल गांधी खेतों में नजर आ रहे हैं. यहां उन्होंने ट्रैक्टर से जुताई की और धान रोपा. आप भी देखें वायरल तस्वीर

वायरल तस्वीर के बारे में कहा जा रहा है कि राहुल गांधी दिल्ली से शिमला जा रहे थे. इस बीच वे सोनीपत के बरोदा और मदीना में आज सुबह धान लगाते नजर आये. किसानों और मजदूरों के साथ कांग्रेस नेता खेत में दिखे.


गुजरात हाइकोर्ट से राहुल गांधी को झटका

आपको बता दें कि गुजरात हाइकोर्ट ने शुक्रवार को मोदी सरनेम मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दो साल की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. साथ ही अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी. जस्टिस हेमंत प्रच्छक ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ 10 मामले लंबित हैं. ऐसे में सूरत की निचली अदालत के फैसले में दखल देने की जरूरत नहीं है. जस्टिस प्रच्छक ने कहा कि निचली अदालत का राहुल गांधी को उनकी टिप्पणियों के लिए दो साल कारावास की सजा सुनाने का आदेश न्यायसंगत, उचित और वैध है. दोषसिद्धि के फैसले पर रोक लगाने का कोई तर्कसंगत आधार नहीं है.


आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी कांग्रेस

इस फैसले के बाद कांग्रेस ने कहा कि वह हाइकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी. यदि दोषसिद्धि पर रोक लग जाती, तो इससे राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल होने का मार्ग प्रशस्त हो जाता. अदालत ने कहा कि राहुल गांधी बिल्कुल बेबुनियाद आधारों पर दोषसिद्धि के फैसले पर रोक लगवाने की कोशिश कर रहे थे. यह कानून का एक सुस्थापित सिद्धांत है कि दोषसिद्धि पर रोक कोई नियम नहीं है, बल्कि यह एक अपवाद है, जिसका सहारा केवल दुर्लभ मामलों में ही लिया जाता है. अयोग्यता केवल सांसदों, विधायकों तक सीमित नहीं है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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