राहुल गांधी का दावा - 2000 रुपये से अधिक के UPI पेमेंट पर लग सकता है चार्ज, कहा- अमेरिकी दबाव में झुकी सरकार

केंद्र सरकार ने 2000 रुपये तक के UPI और RuPay ट्रांजैक्शन पर कोई शुल्क न लेने का निर्देश जारी किया है. हालांकि, 2000 से अधिक के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लगाने का रास्ता साफ होने से राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है.

UPI Transaction Limit: केंद्र सरकार ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और रुपे (RuPay) डेबिट कार्ड से 2,000 रुपये तक के लेन-देन पर किसी भी तरह का शुल्क न लगाने का निर्देश जारी किया है. 14 सितंबर को जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, 2000 रुपये तक के डिजिटल भुगतान पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई फीस नहीं ली जाएगी. हालांकि, इस कदम ने 2,000 से अधिक के मर्चेंट लेन-देन पर 'मर्चेंट डिस्काउंट रेट' (MDR) लगाने का रास्ता साफ कर दिया है, जिस पर अब राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है.

जनता की जेब पर पड़ेगा सीधा असर : राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार के इस फैसले पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फीस वसूलने का रास्ता खोल दिया है. राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट किया और अलग-अलग आरोप लगाए.

  • अब 2000 रुपये से ज्यादा के मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लगाया जा सकता है. भले ही ये ट्रांजैक्शन कुल वॉल्यूम का सिर्फ 5% हों, लेकिन UPI ​​के कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू का लगभग 65% हिस्सा इन्हीं का होता है.
  • राहुल ने अपने पोस्ट में लिखा- सरकार का कहना है कि ग्राहकों से कोई फीस नहीं ली जाएगी. लेकिन दुकानदारों पर लगाई जाने वाली फीस आखिर कहां से आएगी? इसे कीमतों में जोड़ा जाएगा, यानी यह सीधे ग्राहक की जेब से ही जाएगी.
  • अमेरिकी दबाव का आरोप : अमेरिकी भुगतान कंपनियां लंबे समय से भारत की जीरो-MDR नीति का विरोध कर रही थीं. राहुल गांधी ने दावा है कि सरकार ने अमेरिकी दबाव के आगे झुकते हुए यह नीतिगत बदलाव किया है.


सरकार का पक्ष: आत्मनिर्भर मॉडल और साइबर सुरक्षा के लिए जरूरी

भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 (धारा-10A) में संशोधन के बाद यह अधिसूचना जारी की गई है. संसद के मानसून सत्र (13 अगस्त, 2026) में यह संशोधन विधेयक पारित हुआ था. अब भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) की समिति MDR की दरों का निर्धारण करेगी.

  • सुरक्षा और अपग्रेड: सरकार का कहना है कि ट्रांजैक्शन की संख्या में भारी उछाल को देखते हुए प्रणाली को साइबर सुरक्षा, फ्रॉड रोकने और लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड करने के लिए बड़े निवेश की जरूरत है.
  • सब्सिडी पर निर्भरता खत्म: डिजिटल भुगतान प्रणाली को लंबे समय तक सिर्फ सरकारी सब्सिडी पर चलाना व्यावहारिक नहीं है. प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और बाज़ार को मजबूत बनाने के लिए एक आत्मनिर्भर राजस्व मॉडल जरूरी है.

UPI का अभूतपूर्व विकास

25 अगस्त, 2016 को लॉन्च हुए UPI का कुल लेन-देन मूल्य वित्त वर्ष 2016-17 के 0.07 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 314 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. एक दशक में इसमें 4,000 गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है. वर्तमान में UPI वैश्विक स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ रहा है और उज्बेकिस्तान, सिंगापुर, यूएई, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका, कंबोडिया और यूनान समेत 11 देशों में स्वीकार किया जा रहा है.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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