राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो को कोट किया और प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, इसलिए आधी रात को वीडियो जारी कर उनकी भावनाओं और समझदारी का अपमान नहीं करना चाहिए. राहुल ने सरकार से तीन मांगें रखीं- पहली, धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए; दूसरी, प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई करने वालों को सजा दी जाए और तीसरी, सरकार छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो मैसेज में कहा कि उनकी सरकार प्रश्नपत्र लीक के मामलों पर सख्त कानून लाने जा रही है. उन्होंने बताया कि शुक्रवार (24 जुलाई) को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस विधेयक के मसौदे पर चर्चा होगी और उसे अंतिम रूप दिया जाएगा. इसके बाद अगले हफ्ते संसद में यह विधेयक पेश किया जाएगा. प्रधानमंत्री के मुताबिक, नए कानून में पेपर लीक कराने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान होगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके और छात्रों का भरोसा बना रहे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैंने अधिकारियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया था और अब वह कोर्ट शुरू भी हो चुकी है. इससे पेपर लीक जैसे मामलों की जल्दी सुनवाई होगी और दोषियों को जल्द सजा मिलेगी."
ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल, अस्पताल पहुंचे जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने समाप्त कराया अनशन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए बड़ी परेशानी होती हैं. उन्होंने बताया कि नीट पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद सरकार ने कई सख्त कदम उठाए. दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया. मोदी ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी कोशिश थी कि छात्रों का एक साल खराब न हो. इसी वजह से जल्द दोबारा परीक्षा कराई गई, जिसमें 22 लाख छात्र शामिल हुए. उन्होंने बताया कि दोबारा हुई नीट परीक्षा का परिणाम 19 जुलाई को जारी हुआ और देशभर के कई छात्रों ने सफलता हासिल की.
