Punjab Politics पंजाब की राजनीति में जारी सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बड़ा दांव खेला है. पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है. दिल्ली में हाईकमान के सामने पेशी से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आप के तीन विधायकों को अपने पाले में कर लिया है. गुरुवार को आप के तीनों विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए है. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने तीनों विधायकों का पार्टी में स्वागत किया.
कांग्रेस में जारी अंदरूनी कलह के बीच मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने धुर विरोधी और पंजाब एकता पार्टी के प्रधान सुखपाल खैरा को कांग्रेस पार्टी में शामिल करवाने में कामयाब हुए है. इसे कैप्टन का बड़ा राजनीतिक दांव माना जा रहा है. सुखपाल खैरा के साथ मौड़ से आप के विधायक जगदेव सिंह कमालू और भदौड़ के आप विधायक पिरमल सिंह धौला ने भी कांग्रेस का दामन थाम लिया है.
कांग्रेस की पंजाब इकाई के ट्वीट के मुताबिक, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दिल्ली रवाना होने से पहले विधायक सुखपाल खैरा एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष और आप के उनके दो सहयोगी विधायक मौर के जगदेव सिंह कमलू और भदौर के विधायक पिरमल सिंह धौला का पार्टी में स्वागत किया. कांग्रेस की पंजाब इकाई में आपसी कलह को सुलझाने के लिए गठित तीन सदस्यीय कमेटी के साथ सामने पेशी के लिए दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने तीनों विधायकों को पार्टी में शामिल कराया. इस दौरान सीएम की पत्नी प्रनीत कौर भी मौजूद थीं.
वहीं, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि तीनों नेताओं को पार्टी में शामिल करने के लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रधान सोनिया गांधी की ओर से अनुमति मिल गई है. उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि सुखपाल खैरा और उनके साथियों के शामिल होने से कांग्रेस पार्टी और मजबूत होगी. उल्लेखनीय है कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को दिल्ली में केंद्रीय आलाकमान द्वारा बनाए गए पैनल से शुक्रवार को मुलाकात करनी है. इसी के मद्देनजर कैप्टन अमरिंदर सिंह दिल्ली पहुंच गए हैं.
बता दें कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस में करीब दो दर्जन विधायकों ने कैप्टन के खिलाफ मोर्चा खोला दिया है. जिसके बाद केंद्रीय आलाकमान को हरकत में आना पड़ा और एक पैनल का गठन किया गया. फिर पंजाब के सभी विधायकों, मंत्रियों, सांसदों को दिल्ली तलब किया. कांग्रेस विधायक नवजोत सिंह सिद्धू समेत अलग-अलग नेताओं ने पैनल के सामने अपनी बात रख दी है. अंत में कैप्टन अमरिंदर सिंह पैनल से मुलाकात करेंगे.
वहीं, कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पंजाब कांग्रेस में कोई झगड़ा नहीं है. समिति के साथ बातचीत गोपनीय है. जो भी उन्होंने पूछा, मुझे जो भी कहना था मैंने उनके समक्ष रखा है. पार्टी की प्रथा और परंपरा रही है कि जिस प्रदेश में हम चुनाव लड़ते हैं उसकी रणनीति और मुद्दों पर विचार विमर्श होता है.
