इस राज्य के कर्मचारियों को सैलरी के लिए करना होगा इंतजार, जानिए क्या है वजह

सरकार आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को पिछले महीने के वेतन का भुगतान कर देती है. लेकिन इस बार फंड की कमी के कारण यह सैलरी नहीं दे पाई है. वहीं, सरकारी अधिकारियों का कहना है कि, जीएसटी मुआवजा व्यवस्था खत्म होने के बाद से ही सरकार फंड की कमी से जूझ रही है.

Punjab News: पंजाब की भगवंत मान सरकार अपने कर्मचारियों को अभी तक सैलरी नहीं दे पाई है. महीने के 8 तारीख बीत चुके है लेकिन मान सरकार ने अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पाई है. वहीं, खबर है कि कर्मचारियों के सैलरी के लिए अभी और इंतजार करना होगा. दरअसल, पंजाब सरकार का खजाना खाली हो चुका है. सरकार के पास कर्मचारियों को देने के लिए पैसे नहीं हैं. ऐसे में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को सैलरी के लिए अभी और एक सप्ताह के करीब इंतजार करना होगा.

गौरतलब है कि सरकार आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को पिछले महीने के वेतन का भुगतान कर देती है. लेकिन इस बार फंड की कमी के कारण यह सैलरी नहीं दे पाई है. वहीं, सरकारी अधिकारियों का कहना है कि, जीएसटी मुआवजा व्यवस्था खत्म होने के बाद से ही सरकार फंड की कमी से जूझ रही है. बीते वित्त वर्ष में पंजाब को केंद्र की ओर से जीएसटी मुआवजे के रूप में 16 हजार करोड़ रुपये मिले थे. लेकिन इस साल चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए ही मुआवजा मिला, जिसके बाद 30 जून को जीएसटी व्यवस्था ही खत्म हो गई.

इधर, अधिकारियों ने ये भी कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार इस साल मार्च में जब से सत्ता में आई है, वह समय पर वेतन का भुगतान कर रही है. ऐसे पहली बार हुआ है जब सैलरी देने में देरी हो रही है. द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नाम न जाहिर करने की शर्त पर एक सरकारी कर्मचारी ने बताया कि, सरकार ने सरकारी खजाने के लिए ब्याज के रूप में पैसा लाने के लिए एक हजार करोड़ रुपये का निवेश किया है. उन्होंने कहा कि ‘चूंकि यह राज्य के खजाने के लिए पैसे के बारे में था, ऐसे में सरकार ने सोचा कि कर्मचारी कम से कम एक सप्ताह के लिए सरकार के साथ सहन कर सकते हैं.

गौरतलब है कि पंजाब सरकार बिजली सब्सिडी के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का मोटा बिल पहले से भी भर रही है. इस बिल में 18 हजार करोड़ रुपये मुफ्त कृषि बिजली, उद्योगों को सब्सिडी और आप सरकार की ओर से घरेलू उपयोगकर्ताओं को हर महीने 300 यूनिट फ्री बिजली दे रही है.

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Author: Pritish Sahay

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