पुणे में दर्दनाक हादसा: इमारत ढहने से एक की मौत, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका

Tragic accident in Pune : पुणे के मोशी इलाके में तीन मंजिला इमारत गिरने से हड़कंप मच गया है. 30 घंटे से जारी बचाव अभियान में 9 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि एक की मौत हो गई है. एनडीआरएफ अधिकारी ने बताया कि मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है.

Tragic accident in Pune : महाराष्ट्र के पुणे जिले के मोशी इलाके में तीन मंजिला इमारत गिरने के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. हादसे के करीब 30 घंटे बाद भी एनडीआरएफ, दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रही हैं. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अब तक नौ लोगों को जीवित बचाया जा चुका है, जबकि एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ है. एनडीआरएफ अधिकारियों का अनुमान है कि अभी भी तीन से चार लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं.

NDRF ने बताई सबसे बड़ी चुनौती

एनडीआरएफ के सेकंड-इन-कमांड (ऑपरेशन्स) दीपक तिवारी ने बताया कि इमारत का ढांचा आगे की ओर झुक गया है और कैंटिलीवर जैसी स्थिति में पहुंच चुका है. इसकी वजह से पूरी इमारत बेहद अस्थिर हो गई है, जिससे बचाव अभियान जोखिम भरा बन गया है. उन्होंने कहा इसके अलावा मलबे के बीच जमा कचरा भी टीमों के लिए अतिरिक्त खतरा पैदा कर रहा है. फिलहाल भारी मशीनों और मैन्युअल तरीके से मलबा हटाया जा रहा है ताकि अंदर फंसे लोगों तक सुरक्षित पहुंचा जा सके.


तकनीक और डॉग स्क्वॉड की मदद

दीपक तिवारी के मुताबिक एनडीआरएफ ने तकनीकी उपकरणों, डॉग स्क्वॉड और मैन्युअल सर्च ऑपरेशन के जरिए पूरी इमारत की जांच की है. अब मलबा हटाने के बाद अंदर तक पहुंच बनाकर अंतिम चरण का रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा. राहत बचाव टीम हर संभावित जगह पर सावधानी से काम कर रहा है ताकि किसी भी फंसे व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे.

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पुराने हादसों से नहीं लिया सबक

मोशी का यह हादसा एक बार फिर मुंबई के घाटकोपर, ठाणे, भिवंडी और पुणे में पहले हो चुके इमारत ढहने के मामलों की याद दिला रहा है, जहां कमजोर निर्माण, लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण कई लोगों की जान गई थी. हर बड़े हादसे के बाद जांच और सख्त कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन बार-बार सामने आ रही ऐसी घटनाएं बताती हैं कि अवैध निर्माण और भवन सुरक्षा को लेकर अभी भी गंभीर सुधार की जरूरत है. फिलहाल पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है और सभी की निगाहें मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने पर टिकी हैं.

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By Satyendra Giri

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