भारी हंगामे के बीच लोकसभा से एंटी पेपर लीक बिल पास, 10 साल जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान

लोकसभा ने बुधवार को ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ को मंजूरी दे दी.

लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में सख्त प्रावधान शामिल करने के लिए लाए गए इस संशोधन विधेयक पर लोकसभा में जोरदार बहस हुई. चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कुछ टिप्पणियों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई. हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब दिया और उनके जवाब के बाद सदन ने ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी. विधेयक पारित होने के बाद कांग्रेस सांसदों की नारेबाजी के बीच ही अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी.

नीट प्रश्नपत्र लीक के मामले में सरकार ने फौरन कार्रवाई की : जितेंद्र सिंह

चर्चा का जवाब देते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक के मामले में सरकार ने फौरन कार्रवाई की और 12 जुलाई को जांच सीबीआई को सौंप दी गई. उन्होंने कहा कि 28 जुलाई को इस मामले में आरोपपत्र दायर कर दिया गया है और आज से सुनवाई शुरू हो गई है. सिंह ने कहा कि नए संशोधन विधेयक के प्रभाव में आने के बाद फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई के साथ इस मामले में पांच महीने में फैसला आ जाएगा. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक के विरुद्ध कड़े प्रावधान के साथ मूल कानून 2024 में लागू किया गया था और आज प्रश्नपत्र लीक संबंधी खामियां सामने आने के बाद सरकार ने माना कि कानून को और कड़ा बनाने की जरूरत है.

जितेंद्र सिंह ने गोगोई और प्रियंका गांधी पर निशाना साधा, कांग्रेस राज के पेपर लीक की दिलाई याद

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने चर्चा के दौरान कहा कि दिल्ली में मासूम बच्चों पर जुल्मोसितम ढाया गया, जबकि सरकार ने सर्वोच्च संयम के साथ कार्रवाई की और सुनिश्चित किया कि कोई हताहत नहीं हो. उन्होंने कहा, ‘‘शायद गोगोई अपने अनुभव से बोल रहे थे. क्योंकि असम में 1979 से 1984 तक छात्रों के आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई में 860 लोग मारे गए थे जिनमें अधिकतर छात्र थे. उस समय असम में कांग्रेस की सरकार थी.’’ सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने देश में पिछले कुछ साल में 152 बार प्रश्नपत्र लीक होने और इनमें 750 करोड़ बच्चों के प्रभावित होने का दावा किया. उन्होंने कहा, ‘‘पता नहीं प्रियंका गांधी यह आंकड़ा कहां से लाईं.’’ सिंह ने कहा कि प्रियंका गांधी ने 2024 का कानून लागू होने के बाद कोई कार्रवाई नहीं होने की बात कही, जबकि ऐसे मामलों में 52 प्राथमिकियां दर्ज हो चुकी हैं.

2024 कानून के मुकाबले 2026 संशोधन बिल में क्या-क्या हुआ बदलाव?

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बताया, प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता और विश्वसनीयता को बहाल करने के उद्देश्य से 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026' लाया गया है. इस नए संशोधन के जरिए अपराधियों और सर्विस प्रोवाइडरों पर आर्थिक व जेल की सजा के प्रावधानों को दोगुना तक कड़ा कर दिया गया है.

व्यक्तिगत दोषियों पर कार्रवाई

  • सजा: पहले 3-5 साल की जेल, अब 5-10 साल की जेल
  • जुर्माना: पहले 10 लाख रुपये तक, अब 50 लाख रुपये तक
  • सर्विस प्रोवाइडर (एजेंसियों) के खिलाफ कड़ाई
  • जुर्माना: पहले 1 करोड़ रुपये तक, अब 5 करोड़ रुपये तक
  • ब्लैकलिस्टिंग : पहले 4 साल तक बैन, अब 8 साल के लिए बैन

पेपर लीक माफिया पर शिकंजा

सजा: पहले 5-10 साल की जेल, अब 7-10 साल की जेल

जुर्माना: पहले 1 करोड़ रुपये तक, अब 10 करोड़ रुपये तक

फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त समय-सीमा

  • मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाई जाएंगी.
  • केंद्रीय एजेंसी या स्पेशल टास्क फोर्स को जांच 2 महीने के भीतर अनिवार्य रूप से पूरी करनी होगी.

किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों पर विधेयक पर चर्चा से ध्यान भटकाने का लगाया आरोप

चर्चा के दौरान केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे लोकसभा में प्रश्नपत्र लीक होने से रोकने संबंधित विधेयक पर चर्चा से ध्यान भटकाने के लिए अन्य मुद्दे उठा रहे हैं. रिजिजू ने कहा कि विपक्षी नेता चर्चा के दौरान राजनीति करने में व्यस्त रहे. लोकसभा में इस विधेयक पर मंगलवार से चर्चा शुरू हुई थी. सरकार ने इसे छात्रों के हितों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने वाला कदम बताया है.


रिजिजू ने एंटी पेपर लीक को बताया बेहतरीन

रिजिजू ने कहा कि यह छात्रों की मांगों के जवाब में लाया गया एक बेहतरीन विधेयक है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिससे छात्रों में नया विश्वास पैदा हुआ है.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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