'POK पूरी तरह से भारत का हिस्सा', विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, इसे भुला दिया गया

POK: विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को लेकर एक बड़ा बयान दे दिया है. उन्होंने कहा, पीओके पूरी तरह से भारत का हिस्सा है. जिसे भुला दिया गया.

POK: कटक में एक इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा, पीओके भारत का अहम हिस्सा है, जिसे भुला दिया गया था, लेकिन अब फिर से लोगों की चेतना में आ गया है. सत्र में जब विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर से पीओके को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, पीओके कभी भी देश से बाहर नहीं रहा है. यह देश का हिस्सा था और हमेशा रहेगा. पीओके पूरी तरह से भारत का हिस्सा है, किसी अन्य का नियंत्रण कैसे हो सकता है.

घर का जम्मेदार संरक्षक न हो तो बाहर से चोरी कर लेता है

डॉ जयशंकर ने कांग्रेस की अगुआई वाली यूपीए सरकार पर हमला करते हुए कहा, आप जानते हैं, जब आपके घर में कोई ऐसा व्यक्ति होता है जो घर का जिम्मेदार संरक्षक नहीं होता, तो कोई बाहर से चोरी कर लेता है. अब, यहां आपने दूसरे देश को अनुमति दे दी है. विदेश मंत्री ने आगे कहा, ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि हमने पाकिस्तान के अलग होने के समय इन क्षेत्रों को खाली कराने का प्रयास नहीं किया. भविष्य में क्या होता, यह बता पाना बहुत मुश्किल है. लेकिन, मैं हमेशा लोगों से एक बात कहता हूं कि आज PoK फिर से भारत के लोगों की चेतना में है. हम इसके बारे में भूल गये थे.

धारा 370 पर भी बोले विदेश मंत्री

विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कश्मीर से धारा 370 हटाने को लेकर भी जवाब दिया. उन्होंने कहा, यह बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था. यह हमारे लिए बहुत बड़ी परेशानी थी. जब तक अनुच्छेद 370 लागू था, जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद की भावना, उग्रवाद की भावना पैदा होती रही. कुछ पार्टियों के राजनीतिक हितों के कारण ऐसा किया.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा- पीओके हमारा था, है और हमारा रहेगा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक साक्षात्कार में कहा है कि भारत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) पर अपना दावा कभी नहीं छोड़ेगा, लेकिन इसपर बलपूर्वक कब्जा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी क्योंकि इसके लोग कश्मीर में विकास को देखने के बाद स्वयं इसका (भारत का) हिस्सा बनना चाहेंगे. उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि भारत को कुछ नहीं करना पड़ेगा. जम्मू-कश्मीर में जिस तरह से जमीनी हालात बदले हैं, क्षेत्र में जिस तरह से आर्थिक प्रगति हो रही है और वहां जिस तरह से शांति लौटी है, मुझे लगता है कि पीओके के लोगों की ओर से यह मांग उठेगी कि उनका भारत में विलय होना चाहिए. उन्होंने कहा, हमें पीओके पर कब्जा करने के लिए बल प्रयोग नहीं करना पड़ेगा क्योंकि (वहां के) लोग ही कहेंगे कि हमें भारत में विलय करना चाहिए। ऐसी मांगें अब उठ रही हैं. रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा, पीओके हमारा था, है, और हमारा रहेगा.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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