पीएम मोदी आज यानी 22 जनवरी को कई जिलों के जिलाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात की. इस मौके पर पीएम मोदी ने जिलाधिकारियों को कई दिशा-निर्देश दिए. वहीं जिलाधिकारियों ने भी पीएम मोदी को समस्याओं से अवगत कराया. पीएम मोदी ने कहा है कि हर जिले को दूसरों की सफलता से सीखने और उनकी चुनौतियों का मूल्यांकन करने की जरूरत है. उन्होंने प्रशासन और जनता के बीच प्रत्यक्ष, भावनात्मक जुड़ाव का आह्वान किया.
पीएम मोदी ने कही ये बात: अपने संबोधन में पीएम मोदी ने जिलाधिकारियों को बताया कि आजादी के 75 साल बाद भी देस का समुचित विकास नहीं हो पाया है. उन्होंने कहा कि बजट बढ़ता रहा, योजनाएं बनती रहीं, लेकिन विकास सिर्फ आंकड़ों में दिखा, आलम ये है कि विकास की दौड़ में आज कई जिले पिछड़ गये हैं.
कलेक्टिव अप्रोच के साथ करना है काम: पीएम मोदी ने कहा कि, सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों ने, अलग-अलग विभागों ने ऐसे 142 जिलों की एक लिस्ट तैयार की है. जिन एक-दो पैरामीटर पर ये अलग-अलग 142 जिले पीछे हैं, अब वहां पर भी हमें उसी कलेक्टिव अप्रोच के साथ काम करना है, जैसे हम आकांक्षी जिलों में करते हैं.
पीएम मोदी में कहा है कि डिजिटल इंडिया के रूप में देश एक मौन क्रांति का साक्षी बन रहा है. हमारा कोई भी जिला इसमें पीछे नहीं छूटना चाहिए. उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर हमारे हर गांव तक पहुंचे, सेवाओं और सुविधाओं की डोर स्टेप डिलिवरी का जरिया बने. पीएम ने इसे बेहद जरूरी बताया.
धन-जन खातों में हुई वृद्धि: पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 4 सालों में देश के लगभग हर आकांक्षी जिले में जनधन खातों में 4 से 5 गुना की वृद्धि हुई है. पीएम मोदी ने कहा कि करीब-करीब हर परिवार को शौचालय मिला है, हर गांव तक बिजली पहुंची है और बिजली सिर्फ गरीब के घर में नहीं पहुंची है बल्कि लोगों के जीवन में भी ऊर्जा का संचार हुआ है.
Posted by: Pritish Sahay
