शिमला में 82वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के लिए लोकतंत्र केवल एक व्यवस्था नहीं है. लोकतंत्र भारत की प्रकृति और इसकी स्वाभाविक प्रवृत्ति है. उन्होंने कहा कि देश की एकता की धारा विविधता को संजोती है.
पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई ऐतिहासिक है. इसमें देश के लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. हमें देश के लिए असाधरण लक्ष्य हासिल करना है. हर दल में सेवाभाव से जुड़े लोग होते हैं. सबके प्रयास से हमें सफलता हासिल होगी और अमृत संकल्प पूरे होंगे.
यहां चर्चा कर दें कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिमला में 82वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन को पीएम मोदी ने संबोधित किया.
हर साल इस मंथन से कुछ न कुछ अमृत निकलता है : पीएम मोदी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमारा देश विविधताओं से भरा है. अपनी हज़ारों वर्ष की विकास यात्रा में हम इस बात को अंगीकृत कर चुके हैं कि विविधता के बीच भी, एकता की भव्य और दिव्य अखंड धारा बहती है. एकता की यही अखंड धारा, हमारी विविधता को संजोती है, उसका संरक्षण करती है. उन्होंने कहा कि ये सम्मेलन हर साल कुछ नए विमर्शों और नए संकल्पों के साथ होती है. हर साल इस मंथन से कुछ न कुछ अमृत निकलता है. आज इस परंपरा को 100 साल हो रहे हैं ये भारत के लोकतांत्रिक विस्तार का प्रतिक है.
असाधारण लक्ष्य हासिल करने हैं : मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि हमें आने वाले वर्षों में, देश को नई ऊंचाइयों पर लेकर जाना है, असाधारण लक्ष्य हासिल करने हैं. ये संकल्प ‘सबके प्रयास’ से ही पूरे होंगे और लोकतन्त्र में, भारत की संघीय व्यवस्था में जब हम ‘सबका प्रयास’ की बात करते हैं तो सभी राज्यों की भूमिका उसका बड़ा आधार होती है.
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा
कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि 82वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के ऐतिहासिक अवसर पर मुझे ये कहते हुए गर्व हो रहा है कि संसद, विधानसभा और विधान परिषद हमारे देश की प्रजातांत्रिक व्यवस्था के केंद्र बिन्दु हैं. हमारे प्रदेश की विधानसभा को भी गौरवशाली इतिहास रहा है.
