नयी दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) के सबसे तेजी से फैलने वाले वैरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron Variant) के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को एक हाई लेवल मीटिंग की. इसमें वैश्विक महामारी कोरोना की स्थिति की समीक्षा की. साथ ही स्वास्थ्य तंत्र की तैयारियों की समीक्षा भी की गयी. बैठक में प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये. यहां देखें पीएम ने बैठक में क्या-क्या बातें कहीं…
पीएम मोदी ने बैठक में क्या कहा….
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कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन को देखते हुए हमें सतर्क और सावधान रहना चाहिए.
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सरकार सतर्क है. उभरती हुई स्थिति पर नजर रख रही है, समय से पूर्व सक्रियता से कदम उठा रही है तथा ‘समूची सरकार’ के रुख के तहत स्थिति को काबू में रखने एवं उसके प्रबंधन के लिए राज्यों की मदद कर रही है.
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स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचा को बढ़ावा देने के साथ ही संपर्कों का प्रभावी व त्वरित तरीके से पता लगाने, जांच और टीकाकरण में तेजी लाने पर जोर दिया जाना चाहिए.
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केंद्र उन राज्यों की मदद के लिए टीम भेजेगा, जहां टीकाकरण कम हुआ है, कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं और स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचा पर्याप्त नहीं है.
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कोविड के खिलाफ सक्रिय, केंद्रित, सहयोगात्मक व सहकारी लड़ाई की रणनीति से हमारे सभी कदमों को प्रेरित होना चाहिए.
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88 प्रतिशत से अधिक पात्र आबादी को कोरोना टीका की पहली खुराक दी गयी, 60 प्रतिशत से अधिक आबादी को दूसरी खुराक दी गयी.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड समीक्षा बैठक में टेली-मेडिसिन और दूरस्थ परामर्श के लिए आईटी माध्यमों के प्रभावी उपयोग का आह्वान किया.
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पीएम ने कहा कि राज्यों के लिए महत्वपूर्ण है कि ऑक्सीजन आपूर्ति उपकरण पूरी तरह से चालू रहें.
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स्वास्थ्य मंत्रालय में कोरोना मैनेजमेंट से जुड़े तमाम पदाधिकारी इस बैठक में मौजूद थे. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बैठक में ओमिक्रॉन के नये मरीजों, ओमिक्रॉन के लक्षणों और इसके अत्यधिक संक्रामक होने की जानकारी दी. प्रधानमंत्री ने 28 नवंबर को भी एक ऐसी ही बैठक की थी.
Posted By: Mithilesh Jha
