जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर जारी विवाद के बीच प्रधानमंत्री ने युवाओं के नाम एक वीडियो संदेश जारी किया.
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा, "जंतर-मंतर पर जो कुछ भी हुआ, देश और दुनिया ने देखा. कुछ शरारती बच्चों ने भद्दी-भद्दी गालियां दीं. मुझे भी गालियां दी गईं, मेरी स्वर्गीय माता के लिए भी अपशब्द कहे गए. लेकिन बचपन में गलतियां होती हैं और उनसे सुधरने का अवसर भी होता है." उन्होंने आगे कहा, "मैं समाज के आक्रोश को समझ सकता हूं. यह एक सांस्कृतिक झटका है कि हमारी बेटियां इस तरह की भाषा कैसे बोल सकती हैं. लेकिन समय उन्हें सजा देने का नहीं, बल्कि गले लगाकर सही राह दिखाने का है. ये गुमराह बच्चे हैं और इन्हें राह दिखाना हमारा काम है."
प्रधानमंत्री ने कहा कि "मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं. समाज भी मेरी इस भावना को स्वीकार करे. अदालतों के चक्कर कटवाने और प्रताड़ित करने से परिस्थितियां नहीं बदलेंगी."
अपने संदेश के अंत में उन्होंने युवाओं से देश निर्माण में साथ आने की अपील करते हुए कहा, "आओ, हम मिलकर देश को आगे बढ़ाएं. गलतियों से सीखें और अपने सपनों को साकार करें. मैं आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए जीता हूं."
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