PM मोदी बोले- रेलवे में बायो-टॉयलेट सिर्फ सफाई नहीं, यात्रियों की गरिमा का सवाल; 12 हजार से बढ़कर हुई 3.60 लाख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम में भारतीय रेलवे में हुए बड़े सुधारों पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि कैसे बायो-टॉयलेट की संख्या बढ़ने से यात्रियों की गरिमा में वृद्धि हुई है और यह 'आधुनिक भारत' के नए मॉडल का प्रतीक है.

दिल्ली में इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय रेलवे में हुए सुधारों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि रेलवे में स्वच्छता भी शासन सुधारों का एक बड़ा उदाहरण है. उन्होंने कहा कि 2014 से पहले रेलवे में सिर्फ 12 हजार बायो-टॉयलेट थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 3.60 लाख से ज्यादा हो गई है.

‘ये सिर्फ सफाई नहीं, यात्रियों की गरिमा का सवाल’

पीएम मोदी ने कहा कि रेलवे में बायो-टॉयलेट की संख्या बढ़ना केवल स्वच्छता से जुड़ा बदलाव नहीं है, बल्कि यह यात्रियों की गरिमा से जुड़ा विषय है. उन्होंने इसे ‘आधुनिक भारत’ के नए मॉडल का उदाहरण बताया. प्रधानमंत्री के मुताबिक, रेलवे में किए गए ऐसे बदलावों का सीधा असर आम यात्रियों के अनुभव पर पड़ा है.

नीतिगत सुधारों पर भी PM मोदी का जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार के सुधारों की रूपरेखा में नीति स्तर पर सुधार भी एक महत्वपूर्ण आयाम है. आज ऐसी नीतियां बनाई जा रही हैं, जो जनहित, विकास और आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देती हैं. उन्होंने कहा कि नीतियां देश और लोगों की जरूरतों के अनुसार होनी चाहिए, न कि देश को पहले से बनी नीतियों के हिसाब से ढालने की कोशिश होनी चाहिए.

‘भारत का नक्शा बनाना भी कभी था गैरकानूनी’

पीएम मोदी ने कहा कि कुछ साल पहले तक भारत का नक्शा बनाना गैरकानूनी माना जाता था और बिना अनुमति मैपिंग करने पर जेल तक जाने का प्रावधान था. उन्होंने सवाल उठाया कि जब विदेशी सैटेलाइट तकनीक के जरिए भारत के किसी भी हिस्से की मैपिंग कर सकते थे, तो भारतीयों को अपने ही देश की मैपिंग से रोकना कितना उचित था.

स्टार्टअप और नए आइडिया पर पड़ता असर

पीएम मोदी ने कहा कि ऐसी पाबंदियों से तकनीक के दौर में कितने स्टार्टअप खत्म हो सकते थे और कितने नए विचारों को लागू होने का मौका नहीं मिल पाता. उन्होंने इसे नीतिगत सुधारों की जरूरत समझाने वाला अहम उदाहरण बताया.

ये भी पढ़ें: राहुल गांधी के 6 घंटे के धरने के बाद जागी दिल्ली पुलिस, पैलेट गन मामले में दर्ज की FIR


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >