'घमंडिया गठबंधन बेनकाब हो जाता', पीएम मोदी ने अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्ष पर बोला हमला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा, अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से विपक्ष डर गया. अगर वोटिंग होती तो घमंडिया गठबंधन बेनकाब हो जाता. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गुरुवार को लोकसभा में गिर गया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को एक बार फिर से विपक्षी गठबंधन I-N-D-I-A पर जोरदार हमला किया. उन्होंने इसे विपक्ष का ‘घमंडिया’ गठबंधन बताया. पीएम मोदी ने कहा, घमंडिया गठबंधन ने संसद में उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से डर गया था. पीएम मोदी ने क्षेत्रीय पंचायती राज परिषद को संबोधित करते हुए कहा, हमने संसद में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को हराया और पूरे देश में नकारात्मकता फैलाने वालों को करारा जवाब दिया.

अविश्वास प्रस्ताव पर पीएम के बयान के बीच में विपक्ष ने किया था वॉकआउट

संसद के मानसून सत्र में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवाब दिया था. इस दौरान पीएम ने विपक्ष और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव को बीजेपी के लिए शुभ बताया था. उन्होंने कहा, पिछली बार विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव लाया था, तो बीजेपी की धमाकेदार जीत हुई थी. पीएम मोदी ने कहा, 2024 में भी बीजेपी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी. प्रधानमंत्री मोदी जब बोल रहे थे, उस समय विपक्ष के सांसदों ने वॉकआउट किया. पीएम के संबोधन के बाद संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग करायी गयी, जिसमें मोदी सरकार की धमाकेदार जीत हुई और अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से गिर गया.

वोटिंग से डर गया विपक्ष : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा, अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से विपक्ष डर गया. अगर वोटिंग होती तो घमंडिया गठबंधन बेनकाब हो जाता. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गुरुवार को लोकसभा में गिर गया. लोकसभा में विपक्ष के अविवश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया था. उन्होंने मणिपुर में शांति बहाली के लिए सभी से मिलकर काम करने और वहां के लोगों के लिए ‘दर्द की दवा’ बनने का आग्रह करते हुए कहा था कि देश का पूर्वोत्तर क्षेत्र वैश्विक दृष्टि से ‘‘केद्र बिंदु’’ बनने वाला है तथा मणिपुर में शांति का सूरज उगेगा.

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26 जुलाई को विपक्ष ने लाया था अविश्वास प्रस्ताव

गौरतलब है कि विपक्ष ने 26 जुलाई को मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जिसे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्वीकार कर लिया था. प्रस्ताव के तीन दिनों में मणिपुर हिंसा और अन्य ज्वलंत मुद्दों पर सत्तारूढ़ और विपक्षी गठबंधन के बीच तीखी बहस देखी गई.

सरकार गिराने के लिए नहीं लाया गया था अविश्वास प्रस्ताव : कांग्रेस

कांग्रेस ने मोदी सरकार के खिलाफ लाये गये अविश्वास प्रस्ताव पर अपना बयान दिया है. कांग्रेस की ओर से सफाई देते हुए कहा गया कि मोदी सरकार को गिराने के लिए अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया गया था. कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, हमने संसद में मणिपुर पर प्रधानमंत्री के बयान की मांग की थी. हम चाहते थे कि संसद चले. जब हमारी बात नहीं सुनी गई तब हमें यह सुनिश्चित करने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने का अंतिम उपाय करना पड़ा कि प्रधानमंत्री संसद में बोलें. जब अविश्वास पर बहस लंबित थी तब वे(भाजपा) संसद में विधेयक पारित कर रहे थे. विपक्ष को कई विधेयकों पर अपनी राय रखने का मौका नहीं मिला.

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मणिपुर जल रहा है, ऐसे समय प्रधानमंत्री का संसद में ‘हंसी-मजाक’ करना अशोभनीय: राहुल गांधी

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को आरोप लगाया था कि जब मणिपुर में आग लगी है तो ऐसे समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद के भीतर ‘हंसी-मजाक’ करना अशोभनीय है तथा आज तक किसी प्रधानमंत्री ने ऐसा नहीं किया. राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि मणिपुर को दो हिस्सों में बांट दिया गया है और वहां भारत की अवधारणा (आइडिया ऑफ इंडिया) एवं हिंदुस्तान की हत्या कर दी गई है तथा प्रधानमंत्री नहीं चाहते कि पूर्वोत्तर के इस राज्य में लगी आग बुझे. राहुल गांधी ने कहा, प्रधानमंत्री ने लोकसभा में दो घंटे 13 मिनट का भाषण दिया, लेकिन इसमें मणिपुर पर सिर्फ दो मिनट बात की. मण‍िपुर में महीनों से आग लगी है, लोग मारे जा रहे हैं, बलात्‍कार हो रहे हैं, बच्‍चों को मारा जा रहा है और प्रधानमंत्री हंस-हंसकर बात कर रहे थे. मजाक कर रहे थे. ये ह‍िंदुस्‍तान के प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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