Platform Ticket: दिवाली-छठ पर रेलवे ने दी बड़ी राहत, मुंबई और गुजरात के कुछ स्टेशन पर नहीं लेने होंगे प्लेटफॉर्म टिकट

Platform Ticket: दिवाली और छठ त्योहार से पहले पश्चिम और मध्य रेलवे ने यात्रियों को लेकर बड़ी घोषणा की है. रेलवे ने भीड़भाड़ से बचने के लिए मुंबई के सीएसएमटी और बांद्रा टर्मिनल सहित कुछ प्रमुख स्टेशन पर प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया.

Platform Ticket: पश्चिम रेलवे के मुताबिक, प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री पर यह प्रतिबंध 15 से 31 अक्टूबर तक मुंबई के बांद्रा टर्मिनल और निकटवर्ती गुजरात के वापी, उधना एवं सूरत स्टेशन पर लागू रहेगा.

पिछले साल बांद्रा टर्मिनल में मची थी भगदड़

पिछले साल अक्टूबर में त्योहार के समय यात्रा के दौरान मुंबई के बांद्रा टर्मिनल पर एक ट्रेन में चढ़ने की जल्दबाजी में मची भगदड़ में नौ यात्री घायल हो गए थे.

प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री पर क्यों लगाई गयी अस्थायी रोक

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का उद्देश्य त्योहारों के दौरान होने वाली भीड़ के बीच स्टेशन परिसर में यात्रियों की सुचारू आवाजाही और सुरक्षा सुनिश्चित करना है. वरिष्ठ नागरिकों, महिला यात्रियों, दिव्यांगजनों, कम पढ़े व्यक्तियों या विशेष देखभाल की आवश्यकता वाले व्यक्तियों की सहायता करने वाले लोगों को छूट दी जाएगी.

मध्य रेलवे ने प्लेटफॉर्म टिकट पर लगाई अस्थायी रोक

पश्चिम रेलवे की तर्ज पर, मध्य रेलवे ने भी भीड़भाड़ से बचने के लिए मुंबई मंडल के प्रमुख स्टेशन पर प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया. मध्य रेलवे की ओर से बताया गया कि मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल (सीएसएमटी), दादर, लोकमान्य तिलक टर्मिनल (एलटीटी), ठाणे, कल्याण और पनवेल स्टेशन पर प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध लागू रहेगा. दिवाली और छठ पूजा के दौरान भारी भीड़ को नियंत्रित करने एवं यात्रियों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए इन प्रमुख स्टेशन पर 16 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री पर प्रतिबंध लागू रहेगा. हालांकि वरिष्ठ नागरिकों, बीमार यात्रियों, बच्चों एवं महिलाओं, जिन्हें सहायता की आवश्यकता है, प्लेटफॉर्म टिकट जारी किए जाएंगे.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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