‘देश में नहीं रुक रहा कोरोना संक्रमण, लॉकडाउन में सख्‍ती के लिए उतारी जाए सेना’

उच्चतम न्यायालय (Supreme court) में एक याचिका दायर कर कोरोना वायरस (Coronavirus Pandemic) के संक्रमण को रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन (Coronavirus Lockdown) को सही तरीके से लागू करवाने के वास्ते प्रशासन को सैन्य बलों की तैनाती का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है. याचिका में कहा गया है कि कुछ राज्यों में भीड़ ने लॉकडाउन के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिस अधिकारियों पर हमले किए हैं.

नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर कर कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को सही तरीके से लागू करवाने के वास्ते प्रशासन को सैन्य बलों की तैनाती का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है. याचिका में कहा गया है कि कुछ राज्यों में भीड़ ने लॉकडाउन के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिस अधिकारियों पर हमले किए हैं.

याचिका में प्रशासन को नागरिकों के बुनियादी अधिकारों की रक्षा के लिए निर्णायक रणनीति और दिशा-निर्देश तय करने का भी निर्देश देने का अनुरोध किया गया है. याचिका में कहा गया है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) या राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को लॉकडाउन के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों के जमावड़ा से संबंधित मामलों की जांच का भी निर्देश देना चाहिए.

याचिकाकर्ता के आर शेनॉय ने याचिका में कहा है, कोरोना वायरस के संक्रमण को नियंत्रण में करने के लिए लॉकडाउन को सही तरीके से लागू करना अत्यंत जरूरी है. हर राज्य में सैन्य बलों की तैनाती करना बहुत आवश्यक है. लिहाजा, देश के नागरिकों के फायदे के लिए जल्द से जल्द सैन्य बलों की तैनाती होनी चाहिए.

याचिका में दावा किया गया है कि विभिन्न राज्यों की तरफ से उठाए गए कदमों के बावजूद स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहे लोगों और पुलिसकर्मियों पर हमले हो रहे हैं और कोरोना वायरस को रोकने की दिशा में यह बड़ी समस्या है.

याचिका में कहा गया, यह भी ध्यान दिलाया जाना जरूरी है कि पृथक वास में रह रहे लोग या उपचार करा रहे लोग पृथक वास, अस्पताल से भाग रहे हैं. इससे संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए इन जगहों पर सुरक्षा की और व्यवस्था होनी चाहिए.

अपने-अपने गृह नगरों की ओर लौटने की आस में विभिन्न राज्यों में एक जगह जमा हुए लोगों के मुद्दे को भी उठाया गया है.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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