रामलीला मैदान में पुरानी पेंशन योजना को लेकर जोरदार प्रदर्शन, देशभर से आये लोगों ने की फिर बहाल करने की मांग

पुरानी पेंशन योजना को लेकर एक बार फिर रामलीला मैदान में देशभर से आये लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया. अन्ना हजारे के आंदोलन के बाद यह पहला मौका है जब लोगों की भारी भीड़ ने जोरदार प्रदर्शन किया है.

अन्ना हजारे के आंदोलन के बाद पहली बार दिल्ली के रामलीला मैदान में लोगों का जमघट लगा है. विभिन्न राज्यों, केंद्र सरकार के विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. दरअसल, दिल्ली के रामलीला मैदान में नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (NMOPS, एनएमओपीएस) के बैनर तले आज यानी रविवार को पेंशन शंखनाद महारैली  का आयोजन किया गया था.

प्रदर्शनकारियों ने लगाए नारे
रामलीला मैदान में देश के कई राज्यों से आये सरकारी कर्मचारियों ने कई तरह से पुरानी पेंशन बहाली की मांग की. इस दौरान भीड़ ने यह भी नारे लगाये कि जो पुरानी पेंशन स्कीम फिर से लागू करेगा वही वही देश पर राज करेगा. इस दौरान प्रदर्शनकारियों में शामिल एक शख्स ने कहा कि देश में पुरानी पेंशन स्कीम 2004 से और महाराष्ट्र में 2005 से बंद है. हमें न्यू पेंशन स्कीम (NPS) नहीं चाहिए, हमें ये शेयर मार्केट स्कीम नहीं चाहिए. संविधान भी कहता है पुरानी पेंशन हमारा अधिकार है.

दिल्ली सरकार ने केंद्र किया ओपीएस लागू करने का आग्रह
इधर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी पुरानी पेंशन योजना (OPS, ओपीएस) को लेकर समर्थन जताया. साथ ही केंद्र से इसे दिल्ली सरकार के कर्मचारियों के लिए लागू करने का अनुरोध किया. पुरानी पेंशन योजना की बहाली के लिए 20 से अधिक राज्यों से केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों की ओर से रामलीला मैदान में जोरदार प्रदर्शन के बीच केजरीवाल ने यह बात कही है. केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, हम ओपीएस को वापस लाने संबंधी सरकारी कर्मचारियों की मांग का पुरजोर समर्थन करते हैं. नई पेंशन योजना कर्मचारियों के खिलाफ अन्याय है. हमने पंजाब में ओपीएस लागू की है और दिल्ली सरकार के कर्मचारियों के लिए इसे लागू करने के लिए केंद्र को पत्र लिखा है. कुछ अन्य गैर-भारतीय जनता पार्टी सरकारों ने भी ओपीएस लागू की है.


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खाने से सजी थाली जैसी हो सेवानिवृत्ति बाद की आय- पीएफआरडीए चेयरमैन
पेंशन कोष विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के चेयरमैन दीपक मोहंती ने कहा है कि लोगों को पेंशन के लिये एक ‘स्वाभाविक पसंद’ विकसित करने की जरूरत है और सेवानिवृत्ति के बाद बेहतर जीवन यापन के लिये ‘खाने से सजी थाली’ की तरह विभिन्न स्रोतों से आय होनी जरूरी है. मोहंती ने यह भी कहा कि जब भी कोई नौकरी या कामकाज शुरू करता है, तो उसे उसी समय से सेवानिवृत्ति आय और पेंशन के बारे में सोचना शुरू कर देना चाहिए और इसके लिए निवेश भी करना चाहिए. लंबी अवधि तक निवेश करके ही ‘कम्पाउंडिंग’ (चक्रवृद्धि) का लाभ उठाकर सेवानिवृत्ति के लिये अच्छा कोष बनाया जा सकता है.

भाषा इनपुट से साभार  

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Author: Pritish Sahay

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